ऐसे जहां में रहूंगा मैं (Aise Jahan men Rahunga Main)

आओ भाई लाओ अब जाने दो
मेरा चश्मा और छड़ी मुझे दो

आखिरी दफा नहला दो मुझे
उजले कपड़े दो पहना दो मुझे

ऐसे जहां में अब से रहूंगा मैं
जहां बेफिक्र होकर रहूंगा मैं

सर्दी का ना कोई कहर होगा
ऊनी कपड़ों का क्या करुंगा

गर्मी का न होगा नामो निशां
हवा पानी का क्या करूंगा

ज़रूरत न होगी बिस्तर की
थकान वहां पे न तंग करेगी

ठाठ से वहां अब रहूंगा मैं
जहाँ चाहूंगा वहां घुमूंगा मैं

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