मामुली सी थी एक बात
उठी फिर खतम हो गई
बातों से निकली जो बात
बात फिर शुरू हो गई
बातें हुईं जब बढ़ी बात
बात दूर तक फ़ैल गयीदूर तक गयी जब बात
बात सरे आम हो गयी
बातें चलीं जब बातों में
बात की सुलह हो गई
बात सब मान गए जब
बात फिर खत्म हो गई
किसी ने छुपाई थी बात
खुली जब हद हो गयी
“एक बात बताऊँ” से
मुई फिर शुरू हो गईमामुली सी थी जो बात
बातों में वो बनकर बात
बात फिर शुरू हो गई
बातों से निकली बातेंबातें हुईं जब बढ़ी बात
बात दूर तक फ़ैल गयी
