भारतीय रेल की स्लीपर सीट सर्दी में ग़दर मचाय रही
कम्बल में जकड़ी बॉडी है पर ठंड में कर हाय हाय रहीफ्रंट सीट पर सोयी हसीना करवट ले अकुलाय रही
फैसन में कपडे भूल आयी अब सर्दी लगे पछताय रहीअपटूडेट अच्छे घर की मोबाइल पे इंग्लिश झाड़ रही
सुनने वाले की इज़्ज़त अंग्रेजी में ही वह उतार रहीरात के सन्नाटे में ट्रैन पटरी पर दौड़ी जाय रही
देख मेम को सो गए हम बड़े जोर नींद हमें आय रहीनींद में हाथ जो छुआ एक लगा गोरी हमें जगाय रही
‘टिकट दिखा’ आवाज कान में टीटी जी की आय रहीभोर भई तो चाय वाले की चीख हमें उठाय रही
ले लो कटलेट आमलेट की गर्जना शोर मचाय रहीआँख खुली तो उमंग हसीना को देखन की छाय रही
रात को सोयी गोरी सुबह बिन मेकअप हमें डराय रहीबिखरे बाल फैला काजल लिपस्टिक आँखों तक जाय रही
लगा हमें ज्यों कोई फिल्म की चुड़ैल सामने आय रहीभारतीय रेल की स्लीपर सीट सर्दी में ग़दर मचाय रही
रेल में चढ़ी शोख हसीना बन चुड़ैल घर जाय रही