जन्म हुआ तो मोहर हाथ पे,
बर्थ सर्टिफिकेट ऊपर से।
माँ बोली, “दूध पीना है तो,
टोकन दिखा पहले, बेटे।
किसका है तू, मैं क्या जानूँ?
आई कार्ड ले आ पापा से।”
टीका लगा, कार्ड बनाया,
डर लग गया था नर्स से।
इंजेक्शन ने जान निकाली,
चिल्लाया नहीं मैं डर से।
उस पर भी डेट चार्ट थमाया,
मंजुलिका ने ऊपर से।
सकूल गया तो फॉर्म भरा,
कार्ड टाँग दिया गर्दन से।
फीस, परीक्षा, स्कॉलरशिप—
मरा फॉर्म भरते-भरते।
ए सर्किट..
अगर वो बाहर कैज़ुअल्टी में
मरने की हालत में रहा…
तो उसको फॉर्म भरना
जरूरी है क्या?
आधार कार्ड, पैन कार्ड,
बड़ा हुआ तो वोटर कार्ड।
जहाँ गया, पहचान दिखाओ—
क्या टपका मैं अम्बर से?
अब कहते हैं, “ये भी टेंडर।”
बाल नुच गए हैं सर से।
इसते बढ़िया, भगवन मेरे,
QR कोड चिपकवा दे।
प्रोफाइल चिप में घाल के,
चिप भी मेरे ठुकवा दे।
QR कोड चिपकवा दे,
चिप मेरे एक ठुकवा दे।
QR कोड चिपकवा दे,
चिप मेरे एक ठुकवा दे।
भगवन!
नौकरी पे आई कार्ड बना,
कास्ट कौन, पहचान दिखा।
डोमिसाइल, इनकम प्रूफ,
राशन कार्ड दे, मूर्ख।
ड्राइविंग लाइसेंस,
पासपोर्ट, वीसा—
जल्दी दिखा,
अबे, लाइन में आ।
शादी पे प्रोफाइल बना,
साँच झूठ उसमें दिखला।
कन्या, बच्चे न्यों न देखिये,
उसका भी प्रोफाइल मंगा।
अस्पताल में आई कार्ड,
ट्रेन, प्लेन में आई कार्ड।
बाहर जाओ, अंदर आओ,
पहले दिखाओ आई कार्ड।
जेल की रोटी—आई कार्ड।
चाहिए पेंशन—आई कार्ड।
आई कार्ड, आई कार्ड,
आई कार्ड, बस आई कार्ड।
इसते बढ़िया, भगवन मेरे,
QR कोड चिपकवा दे।
प्रोफाइल चिप में घाल के,
चिप भी मेरे ठुकवा दे।
QR कोड चिपकवा दे,
चिप मेरे एक ठुकवा दे।
QR कोड चिपकवा दे,
चिप मेरे एक लगवा दे।
भगवन!
