देखा है किसी को टुकड़ों पर पलते
भूखा हो पेट पर देखा हो लात खाते
बिना बात मारते हैं वो मुझको पत्थर
मैंने काटा हो बिना बात, देखा है?
पापा देखे नहीं माँ को बस जानता हूँ
तुम को अपना सब कुछ मैं मानता हूँ
बख्शा है पेट उसने सताती भूख मुझे
छीना हो हक़ किसी का, देखा है?
बिना बात मारते हैं वो मुझको पत्थर
मैंने काटा हो बिना बात, देखा है?
गर्मी बेहाल करे सर्दी सताये मुझको
रोऊँ सर्द रातों में नींद न आये मुझको
धूप सेकने जा बैठूँ तुम्हारी गाड़ी पर
करूँ रखवाली नहीं एहसान, देखा है?
बिना बात मारते हैं वो मुझको पत्थर
मैंने काटा हो बिना बात, देखा है?
तुम न दोगे सहारा मैं कहाँ जाऊँगा
ज़ालिम दुनिया है तन्हा मर जाऊंगा
कुत्ता हूँ मैं तुम तो मगर इंसान रहो
कुत्ते की रोटी खाए, हैवान देखा है?
देखा है किसी को टुकड़ों पर पलते
भूखा हो पेट पर देखा हो लात खाते
बिना बात मारते हैं वो मुझको पत्थर
मैंने काटा बिना बात, कहीं देखा है!
