इंसानियत का बुलडोज़र…

बारिशें (Baarishen)

बारिश की आमद चींटियों से पूछोअण्डों को ले जो पलायन कर गयींमोरों की ख़ुशी का ठिकाना न रहागरीबों की पूरी […]