गरम परांठा  थाली में(GPTM)

गरम परांठा  थाली में सज कर आया

तवे से उतरा आलू मसाला  भर लाया 

काम क्रोध मद लोभ मोह साया न था

भूख से था बेहाल मैं आया दूर से   था 

देख पराठा विलेन की एंट्री बस हो गई

मेज़ मेरी फिल्मी पर्दे में तब्दील हो गई

पराठे की महक मुझे झकझोर जाती थी

हॉटनेस किसी हीरोइन सी ललचाती थी

मेरी आँखों में वहशीपन गब्बर जैसा  था

परांठा दिख रहा मुझे दुपट्टा-ए- बसंती था 

परांठा लगा चीखने छोड़ दो क्या करते हो

मेरी इज्जत पर क्यों वहशी नज़र डालते हो

क्या बिगाड़ा है तुम्हारा आखिर  बताओ तो

नहीं.. नहीं… भगवान् के लिए मुझे छोड़ दो 

मैंने कहा रानी भूखा हूँ, मेरे पास आओ तो

कब से देख रहा हूँ, टेम्पटिंग और  हॉट हो

मेरी आग बुझाओ रानी ज़्यादा न चिल्लाओ 

‘वीरू’ नहीं दूर तलक, फ़िज़ूल है ‘बचाओ.!’  

जब से उतरी हो तवे से पगलाए जा रही हो

तवे से उतर  रूबरू  फुदकती जा रही  हो  

पराठे ने जुड़ी दो परतों से लाख मिन्नतें  कीं 

मैंने खाल बसंती की ‘खुरच-खुरच उतार दी’

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