परमात्मा के वो अंश

परमात्मा के अंश वो कहाँ गए
जिन्हें हम मम्मी पापा कहते थे
दिल से करते थे उनको प्यार
जब वो सामने रहा करते थे

हमारी भूलों को जो पी जाते थे
बिना कहे सब समझ जाते थे
हमारी छोटी उलझनों से भी
वो कितने हैरान हो जाते थे

जिनकी गोद में था सुकून बेशुमार
जिनके होने से था हमारा आधार

परमात्मा के अंश वो कहाँ गए
जिन्हें हम मम्मी पापा कहते थे
दिल से करते थे उनको प्यार
जब वो सामने रहा करते थे

आसमान में चमकते वो जैसे तारे
हमें ताकते रहते हैं वो हमारे प्यारे
बहलाते हैं आकर सपनों में अक्सर
बन के एहसास रहते हैं हमें थामे

जिनकी गोद में था सुकून बेशुमार
जिनके होने से था हमारा आधार

परमात्मा के अंश वो कहाँ गए
जिन्हें हम मम्मी पापा कहते थे
दिल से करते थे उनको प्यार
जब वो सामने रहा करते थे

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