नानी की थी एक कहानी (Nani Ki Thi Ek Kahani)

नानी की थी एक कहानी नानी कहानी बन गयी
परियों के देस घुमाने वाली नानी कहानी बन गयी
सर पर हाथ फिराने वाली नानी कहानी बन गयी
मनमानी करवाने वाली नानी कहानी बन गयी

दुबली सी काया में कितना प्यार समेटे रहती थी
झुर्रियों वाले हाथों से आशीष उड़ेला करती थी
लोरी गाकर रोज़ सुलाने वाली कहानी बन गयी
अच्छी सीख सिखाने वाली नानी कहानी बन गयी

मम्मी की मम्मी थी वो हर डांट से हमें बचाती थी
चंदा से मामा का रिश्ता है हमको बतलाती थी
अपने ख़ज़ाने हम पे लुटाने वाली कहानी बन गयी
सबकी परवाह करने वाली नानी कहानी बन गयी

कौन गाँव बसी जाकर तुम नानी तनिक बता दो ना
कहाँ मिले तुम्हारी छाया कोई तो पता दो न
रोतों को हंसाने वाली नानी कहानी बन गयी
रोज़ कहानी कहने वाली खुद ही कहानी बन गयी

1 thought on “नानी की थी एक कहानी (Nani Ki Thi Ek Kahani)”

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