इश्क की खाट (Ishq Ki Khaat)
एक टाइम कम्मो तू कितनी अच्छी लगती थीये नज़र तेरे चेहरे से हटती ही नहीं थीआ जाती थी जो कभी […]
एक टाइम कम्मो तू कितनी अच्छी लगती थीये नज़र तेरे चेहरे से हटती ही नहीं थीआ जाती थी जो कभी […]
गरम पानी की प्याली मेंचलती रेल गाड़ी मेंडिप चाय की पुड़िया कोउसने उलट पुलट डुबोयाउठा पटक इधर उधर घोलाफिर जम
किनारे मर्यादा जानते हैंसमंदर की ताकत पहचानते हैं मेरा प्यार भी एक समंदर हैतुम किनारा बन जाओ नमुझे समेट लो