बिन पानी के गोलगप्पे (Bin Pani Ke Golgappe)
सुबह रात ग़ुम कायनात फ़्रस्ट्रेशन चप्पे चप्पेनयी चाट रोज़ हो तुम खिलाते तौबा लारे लप्पेकब तक खाएं हम तेरे बिन […]
सुबह रात ग़ुम कायनात फ़्रस्ट्रेशन चप्पे चप्पेनयी चाट रोज़ हो तुम खिलाते तौबा लारे लप्पेकब तक खाएं हम तेरे बिन […]
सरकारी था ऑफिस उस ऑफिस में मैडमबॉस की थी चहेती उनके सुपरवाइज़र हमप्रेम की इस कहानी का एक हिस्सा थे
चलो ऐसे ही खेलेंना तुम हमसे बातकरो ना हम बोलेंचलो ऐसे ही खेलें आतेजाते रहें अंजानन कुछ बोलो तुमऔर न