कौवा-मोती (Kauva Moti)
अकेले ही देखा था जनाब आपकोभाभीजी को कहाँ छिपा रखा थाइतने अरसे से इतना सुंदर मुखड़ाकिस तहखाने में दबा कर […]
अकेले ही देखा था जनाब आपकोभाभीजी को कहाँ छिपा रखा थाइतने अरसे से इतना सुंदर मुखड़ाकिस तहखाने में दबा कर […]
बच्चा समझकर तेरे पे ज़रा सा प्यार क्या आ गयानादानियों पर तेरी छोटे हमें दुलार क्या आ गयातूने कुत्ता पीछे
माँ पर नहीं थूकतेदादी माँ पर नहींधरती सबकी माँमाँ पर थूकोगे क्या काँधे पे चढ़करकान में मूतोगे क्यासुधरोगे तो हो
मजदूर दिवस छुट्टी का दिन रमुआ बोला जय होबीवी बोली छुट्टी में अरे नाटकहै क्या ये नया हो बोला रमुआ