धरती के सीने में (Dhartee Ke Seene Men)
धरती के विशाल सीने में कहीं एक हलचल हुईबीज फूटा कुछ बिखरा और आवाज़ चटक हुई एक नन्हे से पौधे […]
धरती के विशाल सीने में कहीं एक हलचल हुईबीज फूटा कुछ बिखरा और आवाज़ चटक हुई एक नन्हे से पौधे […]
पेड़ मैं नीम का उग आया एक मकां के दरवाज़े परकिसी जोड़े ने मुझको सींचा दी छाँव मैंने भी घर
हज़ारों चेहरों के दरमियाँ… इंसाँइक सगा होता है। बनकर ख़ास… जो दिल की बस्ती मेंपनाह लेता है। कैसे… दिल-ए-ख़ामोशमहल सपनों
ज़ुल्म का अत्याचारकरता जाता नरसंघाररोता विश्व ज़ार ज़ारसरकारें भी लाचारचहुँओर हाहाकारघोर चीख पुकारसर होता खून सवार सिस्टम लाचारव्यर्थ कानूनी तक़रारमातृ
छोटी खुशियों में ज़ज़्ब बड़ी बातें हैंअपनों से मिला करतीं ढेर सौगातें हैंखुशियों का टोकरा हम भर लाते हैंखुशियां बांटते
माफ़िक़ न सही हर रिश्ता निभाया है हमनेगैर ज़माना हुआ मगर साथ निभाया है हमने आसान राहों से लोग छुआ
बदहवास दौड़ती फिर रही है ज़िन्दगीधुआं धुआं गर्द सिमटती शहरवालों में आदमी ही आदमी मिलते हैं दुकानों मेंआदमी से आदमी
मंज़िल है दूर तन्हा सफर जीत होगी कलपेश आएगी मुश्किल ज़रा संभलकर चल माना कि फेर ली हैं सब अपनों
सुबह से मन उदास है माँ नहीं है पासचली गयी है वो किसी दुसरे जहान मेंबादलों के पार बन के
सज्जन सत्य को जीवन का सिद्धांत बना लेते हैंउत्कृष्ट चरित्र से खुद की पहचान बना लेते हैंअगली पीढ़ी को भी
अंधेरों में चलो नए दीप हम जलाएंभले न हो बात बिना बात मुस्कुराएंज्योत से ज्योत जलाते चले जाएँगीत कोई गाऐं
रह मत अकेलातू थका हारा सापरेशां, ठहरा सा,मायूस. उजड़ा सा,रह मततू ‘रहमत’ क्योंकिचलना ही जीवन हैबढ़ना ही जीवन हैजो चलते
When silence loses its speech,And action forgets its reach,When even words have nothing left to teach —Say something. When policy
I wish I could —shoulder the Earth,swallow the Ocean,shift the mountains,and stitch the edges of the world. I wish I
Two sides of a coin,two ends of life —life and death: head or tail?day and night: head or tail?good and