संभलकर चल (Sambhalkar Chal)
मंज़िल है दूर तन्हा सफर जीत होगी कलपेश आएगी मुश्किल ज़रा संभलकर चल माना कि फेर ली हैं सब अपनों […]
मंज़िल है दूर तन्हा सफर जीत होगी कलपेश आएगी मुश्किल ज़रा संभलकर चल माना कि फेर ली हैं सब अपनों […]
सुबह से मन उदास है माँ नहीं है पासचली गयी है वो किसी दुसरे जहान मेंबादलों के पार बन के
सज्जन सत्य को जीवन का सिद्धांत बना लेते हैंउत्कृष्ट चरित्र से खुद की पहचान बना लेते हैंअगली पीढ़ी को भी
अंधेरों में चलो नए दीप हम जलाएंभले न हो बात बिना बात मुस्कुराएंज्योत से ज्योत जलाते चले जाएँगीत कोई गाऐं
रह मत अकेलातू थका हारा सापरेशां, ठहरा सा,मायूस. उजड़ा सा,रह मततू ‘रहमत’ क्योंकिचलना ही जीवन हैबढ़ना ही जीवन हैजो चलते
When silence loses its speech,And action forgets its reach,When even words have nothing left to teach —Say something. When policy
I wish I could —shoulder the Earth,swallow the Ocean,shift the mountains,and stitch the edges of the world. I wish I
Two sides of a coin,two ends of life —life and death: head or tail?day and night: head or tail?good and