Stray Dog
देखा है किसी को टुकड़ों पर पलतेभूखा हो पेट पर देखा हो लात खातेबिना बात मारते हैं वो मुझको पत्थरमैंने […]
देखा है किसी को टुकड़ों पर पलतेभूखा हो पेट पर देखा हो लात खातेबिना बात मारते हैं वो मुझको पत्थरमैंने […]
सरहद नहीं आँचल है मातृभूमि कापवित्र श्वेत सौम्य टुकड़ा यह पृथ्वी का मेरे कन्धों पर बन्दूक है ज़िम्मेवारीमाँ की लाज
दिल पागल है दिल रोता है दिल में कुछ कुछ होता हैमेरे देश में अमन चैन नेता को हज़म नहीं
मन में कुछ सवाल उठते हैं मन की बात कहें किसकोमन की बात वो करते हैं बाक़ी इसका हक़ किसको
ले शपथ संकल्प कर सर कलम दुश्मन का करतज के हर चिंता व्यथा हे वीर आगे कूच कर दे रही
अब करेंगे तब करेंगे फ़िक्र कल की कल करेंगेवक़्त के पन्नें पलटते पिघल रही है ज़िन्दगी कतरा कतरा लम्हा लम्हा
एक किस्से से कई किस्से बनाये जा रहा हूँ,कुछ छुपाये तो कुछ सुनाये जा रहा हूँ एक किस्से से कई
मेरे मन का नन्हा बालक तुमको माँ हर समय बुलायेचली गयी तुम कौन जहाँ में किससे पूछूं कौन बताये चल न
चौथा स्तम्भ हो तुम गणतंत्र केतुम हो शान-ऐ-इंडिया !कब सुधरोगे मीडिया ? आधे घंटे क़ी न्यूज़ के बीच मेंबीस मिनट
मैं भी मैं हूँ तुम तुम हो फिर अलग उमंग मन में क्यों हैनए साल में हर शै दिल को
कुछ खट्टी मीठी यादें दे वर्ष इतिहास में लौट चलानववर्ष की खुमारी में गयावर्ष अलविदा बोल चला कुछ ख्वाब हैं
दिन दिवाली दीपक तुम्हाराघर किसी और का तो क्या बात हैथोड़ी मिठाई नए कुछ कपड़ेबालक गरीब का तो क्या बात है हज़ारों
धरती के विशाल सीने में कहीं एक हलचल हुईबीज फूटा कुछ बिखरा और आवाज़ चटक हुई एक नन्हे से पौधे
पेड़ मैं नीम का उग आया एक मकां के दरवाज़े परकिसी जोड़े ने मुझको सींचा और दी मैंने छाँव घर
हज़ारों चेहरों के दरमियाँ इंसां इक सगा होता हैबनकर के जो खास दिल के नगर में जगह लेता है कैसे
ज़ुल्म का अत्याचारकरता जाता नरसंघाररोता विश्व ज़ार ज़ारसरकारें भी लाचारचहुँओर हाहाकारघोर चीख पुकारसर होता खून सवार सिस्टम लाचारव्यर्थ कानूनी तक़रारमातृ
छोटी खुशियों में छुपी बड़ी बड़ी बातें हैंघर में सब अपनों मिली ये सौगातें हैंखुशियों का टोकरा हम भर लाते
माफ़िक़ न सही हर रिश्ता निभाया है हमनेगैर ज़माना हुआ मगर साथ निभाया है हमने आसान राहों से लोग छू
बदहवास दौड़ती फिर रही है ज़िन्दगीधुआं धुआं गर्द सिमटती है शहरवालों में आदमी ही आदमी मिलते तो हैं दुकानों मेंआदमी