शीशा ए दिल (Sheesha E Dil)
खाया है धोखा टूटा है दिल बार बारजब जब किया है किसी पे हमने ऐतबारनादाँ थे हम आया था किसी […]
खाया है धोखा टूटा है दिल बार बारजब जब किया है किसी पे हमने ऐतबारनादाँ थे हम आया था किसी […]
हम तनहा खुद में समाये थेदूर हमसे हमारे ही साये थेसूने मन में फिर तुम आयेकई वादे अपने संग लायेकई
पानी में घुला ज़हर हैं हवाएं धुआं धुआंनेमतें बारिश की भी अब तो सितम हुईबस भी कर खुदा के बन्दे
अक्लमंद है शक्ल से मासूम नज़र आता हैयूँ वो शख्स हर बार ज़माने से छला जाता है पहली मुलाकात में
चंदा की पूजा कर छलनी में देखेगीपहले चाँद फिर साजन को देखेगीसारा दिन निर्जला व्रत रख सजनीअपने साजन को कुछ