च्युइंग-गम (Chewing-Gum)
हम जब छोटे थे मासूम कुछ खोटे थेसारा सारा दिन बस हुड़दंग मचाते थेपच्चीस पैसे में चूरन खरीद खुद कोकितना […]
हम जब छोटे थे मासूम कुछ खोटे थेसारा सारा दिन बस हुड़दंग मचाते थेपच्चीस पैसे में चूरन खरीद खुद कोकितना […]
बचपन में जब कभी चोट लगती थीमां कहती थी बेटा रोया नहीं करतेदेकर खिलौना या तोहफा कोईबहला देती दिल छोटा
यूं तो वे सीधे सज्जन और सरल थेबाबूजी के जीवन के फलसफे अटल थेशिक्षक थे क्लास हमारी अक्सर लगतीमुश्किल परचे
घर बनने की आस मेंवीरान पड़े मकानखुद के वज़न से लाचारसूरमां पहलवानदेवालयों की भीड़ मेंगुम हुए भगवान्हमने देखे है बारिश
कॉमन मैन ये है कॉमन मैनसंघर्ष करता रहता हैअपर क्लास और लोअर क्लासके बीच में पिसता रहता है कॉमन सुबह
मेरी ज़िन्दगी का मक़सद था क्या पाया क्या है खोयाकहीं ठहरूं सुकून में जीऊं नहीं ऐसा वक़्त आयातुम जो मिले
पोंछता हूँ धो देता हूँ बात बात पे रो देता हूँइसकी उसकी चुगली मैं गोभी खोद देता हूँमैं धोऊँ रोज़