माँ तुमको क्या संज्ञा दूँ (Maa Tumko Kya Sangya Dun)
जग से तुमने ही मिलवायाकौन है...
तजुर्बे के बागीचे से (Tazurbe Ke Baageeche Se)
बदल रहा है मौसम मिज़ाज़ लोगों...
द्रोणपुत्र बनाम द्रोणशिष्य (DornPutra Banaam DornShishy)
एकलव्य होकर भी वह हो गया...