मैं तुम्हारा रहूंगा (Main Tumhara Rahunga)
मुहब्बत मैं करता हूँ करता रहूंगाकिसी मोड़ पर मैं गलत भी रहूँगाशिकवा न करना मैं न सॉरी कहूंगातुम मेरे अहम्
मुहब्बत मैं करता हूँ करता रहूंगाकिसी मोड़ पर मैं गलत भी रहूँगाशिकवा न करना मैं न सॉरी कहूंगातुम मेरे अहम्
आँधियों से खेला हूँ तूफानों में पला हूँआसमान की बिजली का एक शोला हूँबवंडर हूँ हर शै समटने को उठा
मैं लिख तो रहा हूँ कागज़ परपर दिलों पर लिखना चाहता हूँएक हंसी दे सके दुखी मन कोबोल दो ऐसे
कहीं की ईंट कहीं का रोड़ाभानमती ने कुनबा जोड़ाइसमें कुनबा है नालायकभानमती का दोष नहींकुनबे से वो जुड़ी इसलिएक्योंकि ब्याह
गर्मी बढ़ी धरती तपी बैचेनी मची तो बारिश हुईप्रकृति की शोभा बढ़ी नवजीवन की आस हुईनवजीवन का वर्षा और गर्मी
खट रहा हूँ में थक रहा हूँदीवारों पे खोपड़ी पटक रहा हूँमैं कांचा कंवारा पति बेचाराशादी होने की सजा भुगत
बड़ा शहर बड़ी सड़क के किनारे जो उग आया है तूअपनी तोतई और नाज़ुक रंगत पर जो इतराया है तूतुझे
दावा है कि सोचकर किया जाए वो प्यार नहीं हैअजी प्यार तो बस प्यार है कोई व्यापार नहीं हैसच है
पर्दानशीं हुए खूबसूरत चेहरे सभीअब नज़र हुस्न पर ठहर पाती नहींदिले दर पे कोई दस्तक होती नहींअब धड़क धड़कनों को
‘राह चुन ली है तूने जो, आसान नहीं हैवह जीत क्या जो खूं अगर कुर्बान नहीं हैं ‘ जब हम
धन के आगे गुणों का महत्त्व नहींतकनीक के समक्ष प्रकृति गौण है चाकू से हाथ अक्सर कट जाता हैखरबूज़ चाकू
हिंदी भाषी हिंदी बोलते थेमुगलिया बोलते थे उर्दूसमय गुज़रा वक्त बदलाहटा संस्कृतियों से पहराहिंदी भाषी उर्दू पढ़ने लगेशब्द दोनों के
कसम है बेटी माँ के रस्ते पर ही तुमको चलना हैबीवी बन कर मर्दों से गिन गिन कर बदले लेना
रोज़गार छीन लो व्यापार छीनोमंहगाई से कुचलो टैक्स से मारोआम जन को उसमें दफना दोजब सड़ जाए उसे गरीब बताओगरीबी
खिलाकर मीठे आममौसम बना दियाज्येष्ठ मास की गर्मी मेंमज़ा दिला दियानज़रों से सीधादिल में बिठा लियाआदमी था में आमतुमने ख़ास
पुत्र पिता का राजा बेटा बड़ा होकर राज करेपिता पुत्र का शक्तिमान जो मिटा दे सब खतरे जीवन की सच्चाई
सच सच होता है मगर होता है डरावना और कड़वाझूठ के पाँव नहीं होते मगर झूठे का होता बोलबालाभले हो
क्या कहा कि पुनर्जन्म होता हैहाँ सही सुना, ऐसा ही होता है हर निद्राकाल के बाद यदिकोई मानो मरकर जी
स्कीन देख अँखियाँ गयीं कॉल सुनत गए कानसर्फिंग में अंगूठा घिसा मिट गए सगरे निसानमाया कैसी राम जी स्क्रीन दायी
तेरे बिना शाम काटे न कटेये रातें भी अब धुंधली लगेंतेरे बिना हर खुशी अधूरीलगे जैसे दुनिया छोड़ दें तेरा