चेहरे (Chehre)
दुनिया यह छोटी सीछोटी सी दुनिया मेंहर तरफ नज़र आतेचेहरे ही चेहरे निकलो गर घर सेपढ़ने लगो चेहरेइंसां की फितरतबयां […]
दुनिया यह छोटी सीछोटी सी दुनिया मेंहर तरफ नज़र आतेचेहरे ही चेहरे निकलो गर घर सेपढ़ने लगो चेहरेइंसां की फितरतबयां […]
मैले कुचले से कपड़ों मेंस्वेदग्रस्त हो यह प्राणीजीवन है संघर्ष सिखातारिक्शेवाला सीख पुरानी रुपये चंद कमाने कोघर बार छोड़ कर
कविता लिख कवि मरा फैन मिला न कोयबस्ती है गंजेन की कवि कंघी करे न कोय पोथी पढ़ जग मुआ पंडित भया
यह ज़मीं भी न थी न था आसमान येन दरिया समंदर खूबसूरत जहाँ येन इंन्सां की हस्ती न जंगल जिनावरबला
क्या उलझन है मायूसी क्योंजो होगा हो जाने दो बेचैनी क्यों कल की चिंता में पड़ कर तुमक्यों हो अपना