अलफ़ाज़ मेरे (Alfaaz Mere)
अशआर लोग मेरे पढ़ने लगे हैंदिल की आवाज़ से जुड़ने लगे हैंव्हाट्सऍप फेसबुक और यूट्यूब परदिन रात सब फॉलो करने लगे […]
अशआर लोग मेरे पढ़ने लगे हैंदिल की आवाज़ से जुड़ने लगे हैंव्हाट्सऍप फेसबुक और यूट्यूब परदिन रात सब फॉलो करने लगे […]
पापा मेरे नब्बे के हो गए हैंमेच्योर बहुत समझदार हो गए हैंलगता हैं मैं भी उम्रदराज़
खाली पड़े मकान में जोकिराये के लिए था गया छोड़ारहने लगा उस मकान मेंदो पंछियों का एक जोड़ा किराया नहीं
तेरी महफ़िल में आकर देख लियामेहमां सिर्फ मैं ही नहीं, देख लियातेरी महफ़िल में आकर देख लिया जुबां तो पूछती
नीले नीले नैनों मेंबना लूँ क्या ठिकानादिल बार बार बसना चाहेइनमें दीवाना नैना नैनों से मिल गएनैनों की बतियाँ पढ़
रांझे ने हीर को पसंद कियादिल का रिश्ता बुलंद कियादोनों के दिल मिलने लगे जबदोनों प्यार में पड़ने लगे जबअनहोनी
जीवन के सब हैं रंग निरालेअलग अलग मतवाले प्यारेबचपन जवानी और बुढ़ापाचलो ज़रा इनके संग हो लेंचलो जीवन का खेल
कम बोलता बहुत कम बोलता हैहर वक़्त वो हरदम बोलता हैमगर जब भी साला मुँह खोलता हैमेरे बारे में सब गलत बोलता हैवो
सावन के महीने में छत पर बूदें बरस रहीं थीऐसे बरसा सावन जैसे कृपा बरस रही थीभोर की थी छटा
तीन लोक करें शोक चराचर सृष्टि समस्त लजाती हैरोक लो चलकर राम लखन संग जानकी वन को जाती हैहृदय में
छोटी उम्र में सब बच्चे प्रतिभाशाली लगते हैंअपनी चतुराई से वे मुश्किल करतब करते हैंमगर बड़े होकर वे ही नौकरी
इतनी प्रतिभा न दो प्रभु स्टार मिलेनियम बन जाऊंबेटा रह जाये अभिषेक मैं अमिताभ बच्चन हो जाऊंसुन लो अरज इतनी
Fly away, fly away, fly away Fly away Fly away, fly away, fly away Fly away Let’s begin a game
वो घर जो छोड़ दिया उसपे अब इख्तियार नहींमगर कहें किस तरह तुमसे हमें प्यार नहींवो घर जो छोड़ दिया
ऊंची छत पर शान से गर्दन अकड़ा कर घूमने वाले पंखेबांस की सीढ़ी पर चढ़ मैं तेरे सामने हूँ बता
पापा ने थी ज़िद पकड़ी जायेंगे वो अस्पतालजाकर पूछेंगे खुद बीमार पोते का हाल चाल बेटा बोला पापा मैं भी
दावा वो करते हैं कि सब समझते हैंपापा अब तक मुझको बच्चा समझते हैंमेरी सलाह अनुभव की ठोकर पर रखते
चोट लगी ऊँगली दिखाता था मुझकोबातें दिल की सब बताता था मुझकोदर्द ज़िन्दगी के अब छुपाने लगा हैबेटा अब दूर