दही की थैली (Dahi Ki Thaili)
कैसे बचें गन्दगी से मरेंगे सब बीमारी सेकैसे बचें गन्दगी से मरेंगे सब बीमारी से दुकानदार फुर्सत में बैठा नाक […]
कैसे बचें गन्दगी से मरेंगे सब बीमारी सेकैसे बचें गन्दगी से मरेंगे सब बीमारी से दुकानदार फुर्सत में बैठा नाक […]
कैसे मारें तुम्हें वो मुझे पूछते हैंज़हर दें तुमको या घोंप दें खंजरख्वाहिश हो गर कहो वो पूछते हैं मैंने
मैं खुद ही खुद से तेरी बातें करता हूँ,फिर तु बनकर खुद से तेरी कह लेता हूँ।तू नहीं है तो
आज फिर किराने वाले ने उधार नहीं दिया,मज़बूर वो मज़लूम यूं गलत राह चल दिया। उम्मीद की रौशनी कुछ कम
गरमी तेरी वाट लगेझुलस गया जग साराखड़ी दीवार से खाट लगेगरमी तेरी वाट लगे हवा गरम, है पानी गरमसड़कें भी
इन्क्रीमेंट लग गयी है अब सब ठीक हो जायेगासैलरी बढ़ गयी है अब बिगड़ा नीक हो जायेगालग्ज़री जिन मजबूरों की
ज़िन्दगी के शिकार हुए ये घायल शेर हैं बुज़ुर्ग,इनको सहलाओ, बहलाओ, ये चल पड़ेंगे ख़ुद। कभी इनके साम्राज्य का डंका
मेरे बचपन में तुझे छूना चाहता हूँ,एक बार तेरे संग खेलना चाहता हूँ वो हँसी, वो खेल, वो नटखट बातें,वो
कुछ चलता है मन के भीतरज़ज़्बात हिलोरें लेते हैंकुछ क़दमों को है खींच रहाजब तुम से विदा हम लेते हैं