तजुर्बे के बागीचे से (Tazurbe Ke Baageeche Se)
बदल रहा है मौसम मिज़ाज़ लोगों...
द्रोणपुत्र बनाम द्रोणशिष्य (DornPutra Banaam DornShishy)
एकलव्य होकर भी वह हो गया...
बुलाओगे तो क्यों न आऊंगा (Bulaaoge To Kyon Na Aaunga)
बीत गया मैं वह वक्त नहींजुबां...