Prompt of View
मैं ग्रेजुएट हूँ कोरा मैंने बी टेक नहीं कियासरकारी भर्ती में भी मुझे अंदर नहीं लियाजॉबलेस बैठा हूँ मैं बुद्धि […]
मैं ग्रेजुएट हूँ कोरा मैंने बी टेक नहीं कियासरकारी भर्ती में भी मुझे अंदर नहीं लियाजॉबलेस बैठा हूँ मैं बुद्धि […]
वो खेलता है मुझसे जब चेहरा ढक देता हैयूँ खुद के गुनाहों से मुंह वो फेर लेता है हर रोज़
इस कहानी में सभी पात्र और घटनाएं सच्ची हैंपहचान देने में कोई कोताही नहीं की गयी है आईये आपको हम
इन नाज़ुक पैरों को मोहतरमा कहीं ज़मीं परमत उतारियेगा कहीं तकलीफज़दा न हो जाएँअपनी छड़ी साथ ले लें चलते चलते
मैंने अंग्रेजी में लिखा ChatGPTAI ने हिंदी में चातगप्त लिख दीचातगप्त लिख दई मैया मोरी समझ न आवैपढ़े लिखे हम
इंसां जहां सो जाए थक कर दो घड़ी वहीँ घर हैवो जगह जहां ग़म भुला दे जहाँ के वही बार
बोले जाती है कभी क्या चुप नहीं रह सकतीChatGPT तू मेरी बीवी नहीं हो सकतीराज़ मेरे सब जानती है पर
खुदी को कर बुलंद इंसांचढ़ ऊपर गया जैसे तैसेजान हलक में उतर आईझांक कर देखा जब नीचेडर लगा बंदा और
आज पार्क में मैंने अपने बचपन को देखावही जोश-ओ-जुनूं जिज्ञासा और चंचलताएक चिड़िया को देखकर खुश हो रही थीफोटो खींचकर
जो करना है कर बात यहीं खत्म करमेरे सामने से हट कहीं और जा मरहवा आने दे चल मेरे गुस्से
उसने कहा ‘Ask Anyhing’ चुप हो गयी कहीं खो गयी मैंने कहा ‘I know nothing’ फिर से कहा ‘Ask Anyhing’
आओ मुझ पर चीखो मारो पीटो चिल्लाओकुछ बोलूं अगर हाथ उठाओ चुप कराओरूढ़ियों का हवाला दे पीढ़ियों से नुचवाओमेरे किरदार
ये इश्क़ तो नहीं है प्यारे,मन से तुम बीमार हो।जुनून के न जाने किसवहशी घोड़े पर सवार हो। जिससे मोहब्बत
लेते सब इज़ी होदिखो बिजी हर पलफिंगर्स मोबाइल परटेढ़ी मेढ़ी शकलकीप टॉकिंग टु टोक्योआईज ऑन लंदनआदम हो गए तुमसोशल मीडिया
एक शख्स की आज है सुहागरातकिसी एक की है ये आखिरी रात मिलन की इस रात में दोनों केएक सा
मैं जब जाता था रास्ते से हर बारएक कुत्ता मिला करता था लाचारगुमसुम परेशान सा कुछ बीमारएक दिन नजरें मिली
अकेले ही देखा था जनाब आपकोभाभीजी को कहाँ छिपा रखा थाइतने अरसे से इतना सुंदर मुखड़ाकिस तहखाने में दबा कर
बच्चा समझकर तेरे पे ज़रा सा प्यार क्या आ गयानादानियों पर तेरी छोटे हमें दुलार क्या आ गयातूने कुत्ता पीछे
माँ पर नहीं थूकतेदादी माँ पर नहींधरती सबकी माँमाँ पर थूकोगे क्या काँधे पे चढ़करकान में मूतोगे क्यासुधरोगे तो हो
मजदूर दिवस छुट्टी का दिन रमुआ बोला जय होबीवी बोली छुट्टी में अरे नाटकहै क्या ये नया हो बोला रमुआ