स्कूल की यादें (School Ki Yaaden)
ज़िन्दगी वैसे हर कदम सिखाती हैयाद स्कूल की अब भी लुभाती हैबचपन के दिन मोड़ ले आती हैयाद स्कूल की […]
ज़िन्दगी वैसे हर कदम सिखाती हैयाद स्कूल की अब भी लुभाती हैबचपन के दिन मोड़ ले आती हैयाद स्कूल की […]
पैंट पहना तो आंसू भर आयेमुद्दतें हो गयीं है ठुकराएजिया न लगे क्या करें हायलॉकडाउन से हम उकताए निक्कर टी-
बदलाव सिर्फ एक जुआ है अनिश्चितता का अँधा कुआँ हैनए को पकड़ो पुराना छूटे पुराना पकड़ो नया जा फिसले नए
मैं तो मासूम थी, नामालूम थी,बेचारी भूखी—मैं एक माँ थी।छल-कपट से मैं थी अनजान,बड़े पेट की भूख से परेशान।झूठे सत्कार
तुम एक सुबह छोड़ गयीमैंने सहा कुछ न कहावो कहते हैं घर अबपुराना हुआ छोड़ दोक्या कहती हो?छोड़ दूँ ?