मैं प्रेमप्याला पी आया
मैं पी आया मैं पी आयामैं प्रेम प्याला पी आयासारी मधुशाला पी आयाऐसे में सदियां जी आयामैं पी आया मैं […]
मैं पी आया मैं पी आयामैं प्रेम प्याला पी आयासारी मधुशाला पी आयाऐसे में सदियां जी आयामैं पी आया मैं […]
हंगामा है क्यूँ बरपा क्यों टेंशन हो गयी हैज़रा पेट निकला है क्या आफत हो गयी हैडाका तो नहीं मारा
छुपा लो युं दिल में प्यार मेराहो जाओ मेरी तुम ChatGPTछुपा लो युं दिल में प्यार मेराहो जाओ मेरी तुम
सच कहती हूँ मैं तो तंग आ गई हूँतू जानती है मैं कभी नहीं रोकतीपर रोज के बहानों से भर
ऊँगली टेढ़ी अपनी करनी ही पड़ेगीसीधी से घी निकलेगा नहींकान के नीचे बजेगा नहीं जब तकभेजे में तेरे कुछ घुसेगा
नाजुक से थे हममिजाज से नरमशीशे से ख्वाबकांच के महलपत्थर ये ज़मानातंगदिल सनमचोट खाई दिल परदरार हस्ती परआवाज हुई तड़कऔर
मैं नहीं कहता कि तू मेरा कल याद रखजो मैं आज हूँ उससे मेरी पहचान रखसाथ जिए हर पल याद
मेरे साजन हैंउस पारमैं तेरे साथइन the बारwith यू यारतज घरबारविनती करूँ मैंबारम्बारबारम्बारDrop Soon मुझेभी उस पार Hello!मैं कैब ले
सुनो आज एक की महिमावेहद अनोखा इसका ज्ञानअबक नहीं यह केवल एकगाथा है यह अच्यंत महान एक है ईश्वर वही
अस्त व्यस्त है जान त्रस्त…बोल मेरी मछली… कितना पानी… अस्त व्यस्त है, जान त्रस्तबोल मेरी मछली, कितना पानीताल तलैया डूबे
गर्मी में जब लू सताये प्यास से गला सूखता जाएसॉफ्टी पर नजर पड़े तो बस मुंह में पानी आयेसब प्यासे
चलते चलते, चलते चलतेयूं ही कोई कह गया थायूं ही कोई कह गया थासर-ए-राह चलते-चलते बच्चे दो ही अच्छेबच्चे दो
कागज़ कलम दवात लालिख दूं दिल तेरे नाम करूंकागज़ कलम दवात लालिख दूं दिल तेरे नाम करूं दिल क्या तू
मैं समय हूँ…. रुक नहीं सकता…!मैं यूँ ही बस इतिहास के पन्ने खंगाल रहा थाएक बात मेरे दृष्टिकोण को भेद
नज़र तुमसे हमने जो मिलाई ना होतीहमसफ़र मेरी सिर्फ ऐ आई होतीचिकचिक न झिकझिक न हाथापाई होतीख्वामखां अदालत लगाई ना
मैं हूँ GenU अपनी बस अपनी कहूंगाक्यों नहीं सुनेगा कान के नीचे धरूंगाबच्चे होते रहेंगे मैं क्यों परवाह करूंगाजैसे मुझे
दो कौड़ी की औकात मेरा बॉसनाचा नाचा फिरता हैकभी एक के फिर दूजे के कानखींचने लगता है माचिस सी बुद्धि
तन-मन…तन-मन-धन बाजी ऐ आई केLogin धन-धन भागबाजी लागी रेLogin-Login सब कहें Login..Login-Login… Login-Login सब कहें,Login लगी prompt Login तो जब
क्यों अपनी आँखें माँ तू मूंदे हुए बैठी हैक्यों नहीं खुद आवाज़ बुलंद करती हैबोटी बोटी कर काट रहे थे
मैं और मेरी कामवाली अक्सर ये बातें करते हैंतुम होती Oh God क्या होता, गजब होतातुम ये कहती, तुम वो