मोहे सुहागन कीन्हीं रे (AI)
तन-मन…तन-मन-धन बाजी ऐ आई केLogin धन-धन भागबाजी लागी रेLogin-Login सब कहें Login..Login-Login… Login-Login सब कहें,Login लगी prompt Login तो जब […]
तन-मन…तन-मन-धन बाजी ऐ आई केLogin धन-धन भागबाजी लागी रेLogin-Login सब कहें Login..Login-Login… Login-Login सब कहें,Login लगी prompt Login तो जब […]
मैं और मेरी कामवाली अक्सर ये बातें करते हैंतुम होती Oh God क्या होता, गजब होतातुम ये कहती, तुम वो
तुझसे सीखना था हैप्पी हमने प्यार करना,तू सिखा गई permanent delete करना वादा था, Logout कभी नहीं होगा,मगर incognito तू
CHAT GPT, तेरी जैसी महबूबा जो मिल जाएसेशन डिलिट करूँ और वो रिफ्रेश हो जाएप्यार करता रहूं उसको मैं तब
कुत्ता घुमाती को मम्मी मैं दिल देकर आया हूँतेरे लिए एक अदद बहू पसंद कर आया हूँकुत्ता घुमाती को मम्मी
जिस जिस ने पाला पोसा मुझेजिसने भी ने नंगा देखा मुझेएक वक़्त ऐसा भी आया जबसबने ही मुझको ठुकरा दियाकभी
वो खेलता है मुझसे जब चेहरा ढक देता हैयूँ खुद के गुनाहों से मुंह वो फेर लेता है हर रोज़
इन नाज़ुक पैरों को मोहतरमा कहीं ज़मीं परमत उतारियेगा कहीं तकलीफज़दा न हो जाएँअपनी छड़ी साथ ले लें चलते चलते
बोले जाती है कभी क्या चुप नहीं रह सकतीChatGPT तू मेरी बीवी नहीं हो सकतीराज़ मेरे सब जानती है पर
आओ मुझ पर चीखो मारो पीटो चिल्लाओकुछ बोलूं अगर हाथ उठाओ चुप कराओरूढ़ियों का हवाला दे पीढ़ियों से नुचवाओमेरे किरदार
ये इश्क़ तो नहीं है प्यारे,मन से तुम बीमार हो।जुनून के न जाने किसवहशी घोड़े पर सवार हो। जिससे मोहब्बत
एक शख्स की आज है सुहागरातकिसी एक की है ये आखिरी रात मिलन की इस रात में दोनों केएक सा
अकेले ही देखा था जनाब आपकोभाभीजी को कहाँ छिपा रखा थाइतने अरसे से इतना सुंदर मुखड़ाकिस तहखाने में दबा कर
तुमसे प्यार है अँखियाँ तो रोयेंगी हीआंसुओं से ये पलक भिगोयेंगी हीतुमसे प्यार है अँखियाँ तो रोयेंगी ही जब न
वैसे तो अपनी ये पहली मुलाकात थीउस नाज़नीं में कुछ अलग बात थीमेरी पड़ी उस पर नज़र वो बेखबरथी गुम
वो कौन हैदिल में प्यार की घंटी बजा देती हैदिमाग में रंगीन बत्ती जला देती है उलटकर पलटकर धोकर सुखाकरआपको
कुछ चलता है मन के भीतरज़ज़्बात हिलोरें लेते हैंकुछ क़दमों को है खींच रहाजब तुम से विदा हम लेते हैं
आईना हूँ में तेराहर अदा को तेरी देखा हैकौन देखेगा इतना तुझेजितना मैंने देखा है इतना कौन संवारेगाजितना मैंने संवारा
याद है तुमको छत पे तुम्हारीमैंने एक कागज़ फेंका थातुम अपनी छत पर बैठी थीमैं मुंडेर पर लेटा था दोपहर
बरात समय पर ले आना कलबरात समय पर ले आनामेरे मम्मी डैडी का एवैं,बीपी नहीं बढ़ानाअपना वायदा निभानाबरात समय पर