राज-नीति-शस्त्र(Raaz-Neeti-Shastra)
‘राज’ और ‘शास्त्र’ दो दोस्त हैं‘नीति’ ‘राज़’ की सौतेली बहन है‘शिक्षा’ ‘शास्त्र’ की पड़ोसन हैऔर ‘नीति’ की बाल सखी है […]
‘राज’ और ‘शास्त्र’ दो दोस्त हैं‘नीति’ ‘राज़’ की सौतेली बहन है‘शिक्षा’ ‘शास्त्र’ की पड़ोसन हैऔर ‘नीति’ की बाल सखी है […]
खाली पड़े मकान में जोकिराये के लिए था गया छोड़ारहने लगा उस मकान मेंदो पंछियों का एक जोड़ा किराया नहीं
तीन लोक करें शोक चराचर सृष्टि समस्त लजाती हैरोक लो चलकर राम लखन संग जानकी वन को जाती हैहृदय में
ज़िन्दगी वैसे हर कदम सिखाती हैयाद स्कूल की अब भी लुभाती हैबचपन के दिन मोड़ ले आती हैयाद स्कूल की
बदलाव बस एक जुआ हैअनिश्चितता का अँधा कुआँ है नए को पकड़ो पुराना छूटेपुराना पकड़ो नया जा फिसले नए में
सुख के दिनों में जो दर्पण दिखाएरखे ज़मीन पर वह दिल की आवाज़ हैदुःख के समय में जो उम्मीद जगायेटूटने
एकलव्य होकर भी वह हो गया भव्यअश्वत्थामा होकर भी तुम भटक रहेमृत पराक्रमी वीर धनुर्धर एकलव्यतुम मृत्यु आलिंगन को हो
जीवन की जब राह चुनी एक राह तब छोड़ी थीदोराहे पर खड़े हुए हुए एक राह चुनी एक छोड़ी थी
बीत गया मैं वह वक्त नहीं जुबां से निकला शब्द नहींकमां से छूटा तीर भी नहीं जो लौटकर न आ
क्या उलझन है मायूसी क्योंजो होगा हो जाने दो बेचैनी क्यों कल की चिंता में पड़ कर तुमक्यों हो अपना
घर के आँगन में आ बैठे थे जो पंछी हवा हुएथका हुआ मानुष बैठा हैं दृष्टि शून्य में धरे हुएसूनी
ममन समंदर की लहरों को काबू करना सीख लियादिन के पन्नों पर करना हमने हस्ताक्षर सीख लिया ईश्वर बसे न
मेरे नगमों की पहचान तुमसे हैइन धड़कनों में जान तुमसे हैइज़हार-ए-ज़ज़्बात भले मेरे होंइनके तेवर कद्रदान तुमसे हैं राह-ए-सफर में
वह गिर गया था सड़क पर टकराने के बादउसकी बाइक को मारा था सामने से बस नेआया उसे याद बहुत
श्रीकृष्ण उवाच:जीवन है पार्थ एक महाभारत आरम्भ जो है तो अंत भी हैआरम्भ जो तेरे हाथ नहीं तो अंत भी तेरे
असंख्य देवी देवताओं वाला देश है भारत देशदेवी देवताओं के ऊपर है ईश्वरईश्वर से भी ऊपर हैं परमेशवरजिन्हें पाने के
आये थे हम खाली हाथजाना भी है खाली हाथतो क्यों गुरूर कैसा गुरुरजीवन से पाया सब कुछमुट्ठी खाली जीवन के
पनघट पर घेरि श्याम सुन्दर मोहे मुरली मधुर सुनाय गयाकजरारे नयन चंचल चितवन मोहे रंग अपने वो रँगाय गयापनघट पर
मनाओ जश्न कि कोई मर गयाकिसी के लिए जगह खाली कर गयाकिसी को मगर सवाली कर गयामनाओ जश्न कि कोई