बारिश के मौसम में हो जाए!
क्यों न थोड़ी चरबी चढ़ा ली जाएक्यों न थोड़ी चरबी चढ़ा ली जाएक्यों न थोड़ी चरबी चढ़ा ली जाएक्यों न […]
क्यों न थोड़ी चरबी चढ़ा ली जाएक्यों न थोड़ी चरबी चढ़ा ली जाएक्यों न थोड़ी चरबी चढ़ा ली जाएक्यों न […]
मैं फ़न की वो किताब हूं जिसे कोई नहीं पढ़तामेरे तज़ुर्बे को खुद के लिए इस्तेमाल नहीं करता एक जिंदगी
अंतरा 1दादा ऊँचे पद पर थे,दादी के भी जलवे थे।पद दादा का ऊँचा था,कद दादी का ऊंचा था।दादा तो बजर
खाया पिया ख़ास कुछ नहींगिलास फोड़ा चार आनामलहम लगाएंगे हम पहले मगरहमारी दवा कर जाना बड़ा मुश्किल है तेरे पहलू
आज फिर एक बार दर्द से मैं रूबरू हुआसालोंसाल का था सिलसिला जो शुरू हुआलिया कुछ न दिया कुछ खामखां
पिता का चेहरा गौर से देख लेतीस साल बाद तू होगा ऐसा हीयही तेरा वजूद है जो सामने हैहै तेरा
मेरे सनम से भी कहीं लम्बा इंतज़ार कराता हैकचरेवाले बता तू क्यों समय से नहीं आता है सुबह सवेरे ही
सब हवा है हवा है हवा हैAI की रील्स की बस हवा हैट्रेंड पॉपुलरिटी इडली रवा हैसब हवा है हवा
नौकरी कैसे दूँ.. कैसे दूँ… कैसे दूँ..नौकरी कैसे दूँ…नौकरी कैसे दूँ… वल्लाह… नौकरी कैसे दूँ तुझे कुछ आता ही नहींनौकरी
आशिक की नज़र पेकौन सा… कौन सालेंस लगा देता है… देता है…देता हैजो सावन के अंधे को..सब…हरा ही हरा…हरा ही
मैं देख रहा हूँ सामने एक घर जा रहा हैवो पीछे चल रही है वो आगे जा रहा हैउसके हाथ
ये रोटी तुम्हारी जो कुछ जल गई हैमाँ कसम! मेरा दिल ये ले गयी हैचूम लूं जी करता है मैं
भैया को क्यों नहीं ब्याहती मम्मी मेरे लिए ही जल्दी थीपढाई छुड़ाकर क्यों मेरी ही किस्मत तूने लिख दी थी
कहा जाता है जानवर रूह को पहचानते हैंकौन शैतान है कौन भगवान, वो जानते हैं मैं जाता था मस्ती में
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसमकिसी रोज़ तो मुझे घर पकी रोटी दे देमेरी गिरती हुई सेहत पे तू
आसमां की कह गया मैं चाँद तारों की कह गयासमंदरों नदियों और शोख बहारों की कह गयाबारिशों पेड़ पौधों और
गब्बर मरने से बच गयाठाकुर मिलने गया आओ ठाकुर आओअभी तक जिंदा हो कुत्ते हरामज़ादे..भाई नाम से बुला लेनाम मेरा
खामियों को खुद पर न हावी होने दे वो शेर हैअपने डर की किसी को चाबी ना दे वो शेर
पच्चीसवीं है सालगिरह,मम्मी-पापा मनाएंगे,फिर से शादी के वचन,दोनों मिलकर दोहराएंगे।टिकट हो गई गोवा की,फनीमून पर जाएंगे। नई-नई जब शादी हुई
कहते हैं दिल का रास्तापेट से होकर जाता हैबीवी की कमाई से तोघर में राशन आता हैतेरे हाथों के स्वाद