कोई मिल गया
कोई मिल गया मुंह से निकलाअरे वाह जी वाह..तुम जो मिल गए होतो यह लगता हैकि जहां मिल गया दिल […]
कोई मिल गया मुंह से निकलाअरे वाह जी वाह..तुम जो मिल गए होतो यह लगता हैकि जहां मिल गया दिल […]
कीड़े खाना सीख लियामकोड़े खाना सीख लियामिलावट वाले बाहर केपकौड़े खाना सीख लिया आम मिले भीतर से सड़ेलीची में कीड़े
हाथ धोता हूँ जब दो बर्तन घिस देता हूँकाम इस तरह से मैं मैनेज कर लेता हूँमैं अपने घर में
दिल तुझसे मिलने को अब बेकरार रहता हैसच बता, क्या तुझे भी मेरा इंतज़ार रहता है तू न हो जो
मेरी कामवाली तेरी याद सताएतू न आये कोई चुगली न लगाएइस दुनिया से हम कट गए हायनींद ना आएमेरी कामवाली
ठीक किया तूनेअच्छा किया तूनेमेरे दोस्त तूने जो घोला है दोस्ती में ज़हर मेरे दोस्तसाँपों के बीच बेख़ौफ़ चला जाता
स्लिम ट्रिम फिट हो इस युग मेंकिस देवी का अवतार हो तुमकलयुग में जो अति दुर्लभ हैऐसा चमत्कार हो तुम
[कोरस]अरे अरे भाईबहुत बुरा हुआचलो भाईविधि का विधान हैक्या कर सकते हैं [कोरस]चलो जी, शव कोनहला देंश्मशान जाने कोविलम्ब हो
सुन, यह पेट का सवाल है,तूने जो कॉम्बिनेशन मुझे सौंप दिया हैदावत में आकर क्या कबाड़ा भर दिया हैमुंह में
चाह नहीं शादी में जाकर फ्री की दावत उड़ाऊँठंडा पीऊं मीठा खाऊं ख्वामाखां शुगर बढ़ाऊंचाह नहीं डी जे पर नाचूं
सिल्की बाल मेरे महबूब केपी जाते थे गैलन कंडीशनर केअब पहुँच रहे हैं दिल तकदाल में आकर पेट के रस्ते
तू न मेरी कभी यूँ ही तारीफ़ कर जाया करमैं जब न देखूं यकबयक मुझे देख जाया कर ज़हन के
बन्ना फेसबुक पर देखो रोज़ नयी एक पोस्ट डालेबन्नी तो न कुछ बोले पढ़कर बस कमेंट डालेबन्ना फेसबुक पर देखो
मैं समय हूँ…ना रुका हूँ, ना थमा हूँऔर जब सब कुछ शून्य था… तब भी मैं था इस ब्रह्मांड मेंअगर
चाँद सी महबूबा हो मेरीकब ऐसा मैंने सोचा थाहाँ तुम जैसी जिनॉयड होऐसा मैंने सोचा था न क़स्में हैं, न
अरे क्यों दिमाग खा रहा हैआऊंगा मैं कल टेंशन मत लेवो अगर मालिक है तो हम भीकोई उठाईगिरे नहीं हैंमज़दूर
जड़ था मैं उसके लिए एक पत्थर की मूर्त सा थापार्क में बैठे बैठे मैं अपनी चिंता में चिंतित थाएक
नहीं पापा, नहीं पापाहमें तनहा छोड़कर न जाओ पापानहीं पापा, नहीं पापा आप बला के टैलेंटेड होकुछ हमको नहीं आता
राधा की बूनी में, नीबू की धारामन के मोर ने, पंख पसारानाचा क्यों रे बावरा मन हमारारस की रेखा, रंग
बना दिया कचूमर मेरे ज़ज़्बात काजैसे नौकर मैं ठहरा तेरे बाप काखर्च वापस कर हर मुलाकात काखर्च वापस कर हर