आवारा बादल दीवाने (Aawaraa Baadal Deevaane)
चाँद आज कुछ ठीक थाचांदनी के संग घर में मौजूद थाचेहरे पर चोटों के निशान लिएमायूस बैठा था मगर ठीक […]
चाँद आज कुछ ठीक थाचांदनी के संग घर में मौजूद थाचेहरे पर चोटों के निशान लिएमायूस बैठा था मगर ठीक […]
ये जो तेरी ज़ुल्फ़ बारहा पेशानी पर आ गिरती हैमालूम होता है गिलहरी कोई दाना तलाशती है मिल जाती हैं
‘कल्पना’अब बड़ी हो गयी हैबचपन से ही उसेबड़े लाड प्यार से पाला है वह अगर गिर जाती या फिरज़रा सी
जिस्म में एक सौ छह हड्डियां एकसाथ टूटने का दर्द मैं नहीं जानता मगरदो सौ सत्तर रातें अनजाने किसी डर
नारी ऐसी होती हैनारी ऐसी होती हैशक करती है खुदमर्द को संग डुबोती हैनारी ऐसी होती हैनारी ऐसी होती है
तेरी महफ़िल में आकर देख लियामेहमां सिर्फ मैं ही नहीं, देख लियातेरी महफ़िल में आकर देख लिया जुबां तो पूछती
नीले नीले नैनों मेंबना लूँ क्या ठिकानादिल बार बार बसना चाहेइनमें दीवाना नैना नैनों से मिल गएनैनों की बतियाँ पढ़
सावन के महीने में छत पर बूदें बरस रहीं थीऐसे बरसा सावन जैसे कृपा बरस रही थीभोर की थी छटा
Fly away, fly away, fly away Fly away Fly away, fly away, fly away Fly away Let’s begin a game
वो घर जो छोड़ दिया उसपे अब इख्तियार नहींमगर कहें किस तरह तुमसे हमें प्यार नहींवो घर जो छोड़ दिया
तुम एक सुबह छोड़ गयीमैंने सहा कुछ न कहावो कहते हैं घर अबपुराना हुआ छोड़ दोक्या कहती हो?छोड़ दूँ ?
न बन जाना भीड़ का हिस्साजोखिम उठाने से डरना नहींसवाल खुद के इरादों पे करना नहींभरोसा रखना बन जाना चैतन्य
तेरी नेमतों का क़र्ज़ उतारे बैठा हूँज़िन्दगी है तेरा इंतज़ार बैठा हूँ महक ज़रा तेरी साँसों कीआँखों की हया अभी
मैं बरसाती सूखा नालातुम बाढ़ उफनती नदी प्रियेबेमेल हमारी जोड़ी कानामुमकिन है मिलन प्रिये तुम हॉटडॉग सी हॉट हॉटसंग मुज़रेल्ला
आओ खेलो मेरे ज़ज़्बात से फिर एक बारशिकवे शिकायतों का दौर फिर से एक बार Abort तुमने कर दिया Abandon
कुछ गलत हम कुछ अंदाज़ गलत हो गएहसरतें टूटी तो अलफ़ाज़ गलत हो गएरफ्ता-रफ्ता दरमियाँ फ़ासले बढ़ते गएएहले सफ़र थे हमसफ़र अजनबी
रूबरू तुम हो एहसास जानलेवा हैछू लिया है देखो, क़यामत हो गयी हैछू लिया है देखो, क़यामत हो गयी हैरूबरू
तुम हो, हूँ मैं भी यहींदरमियाँ दोनों के मगरकुछ भी अब बाकी नहींसच तो है और फ़िक्र भीतेरे अफसानों में
लम्बा यह दौर था जीवन की राह मेंउड़ चलेगा कल तू नयी मंज़िल की चाह मेंसाथी यहां जो बने यहीं
कौन ले गया लिखने का हुनर मेरातसव्वुर का गहरा समंदर मेरा में नहीं कोई बदनाम शायरन खायी चोट उल्फत में