डिप चाय की पुड़िया (Dip Chay Ki Pudiya)
गरम पानी की प्याली मेंचलती रेल गाड़ी मेंडिप चाय की पुड़िया कोउसने उलट पुलट डुबोयाउठा पटक इधर उधर घोलाफिर जम […]
गरम पानी की प्याली मेंचलती रेल गाड़ी मेंडिप चाय की पुड़िया कोउसने उलट पुलट डुबोयाउठा पटक इधर उधर घोलाफिर जम […]
इंसान मैं आम था मुझको वो नवाब बनाकर ले गयीलखनऊ शताब्दी मुझे ख़ास मेहमान बनाकर ले गयी सोते सुलाते बतियाते
ज़िन्दगी एक दिन और ढलने को है सुहानी रात ये अब ढलने को है एक नयी सुबह निकलने को है
बच्चे के जैसे मुझसे वो बस खेला करता हैखेल कर मुझसे वो यूँ मन बहलाता रहता हैकितनी बार टूटा हूँ
एक उमर तक ये दर्द मुझे लीलता गयाकमज़र्फ जाते जाते बुरे हाल छोड़ गया खटकता रहा वो किसी किरायेदार सागया
कल फादर्स डे हैबेटी ने याद दिलायाजब उसने बाजार सेमेरे लिए गिफ्ट मंगाया बेटियां ऐसी ही होती हैंहम सोचते रह
तू खुश तो खुश होना है मुझेतू ग़मगीन हो तो रोना है मुझे बॉस है तू मैं हूँ मुलाज़िम तेराउँगली
आगे बढ़ने की दौड़ में वो जो खरगोश थाऐसा भागा कि बस भागता ही रह गयायह न सोचा घर परिवार है
कितने मुर्गेतेरे जश्न मेंकुर्बान हो गएलम्बी उम्र कीदुआ तुझे मिलीबेचारेबेजान हो गए
बिखरे हैं टूट कर तार तार अभी तुम्हारे बिना हो रहा है ज़ार ज़ार ये दिल अभी तुम्हारे बिनाडूबे हैं हम
सरकारी एक दफ्तर था दफ्तर में एक अफसर था अफसर जितना रॉयल था बाबू उतना लॉयल था अफसर ने पर्चे
बहुत गुज़रे दिन मन सलामी देते देते एक युग बीतने को है गुलामी खेते खेते मिला जो अब सब तक टुकड़ों
बिन कुछ जाने बिन बोलेवो बस हाँ कर देती हैमात पिता के वचनों परकोई सवाल नहीं करतीमन खराब नहीं करती
एक दौर था कद्र एक दूसरे की थीय़ारी में तेरा मेरा की गिनती नहीं थीमैं तेरे लिए तू मेरे लिए
जीजाजी बड़े अच्छे हैं.उनक जैसा कोई नहींहीरो जैसे लगते हैं रिटायर हो गए हैंफिर भी जवान लगते हैं जीजाजी बड़े
दांये पैर और बांये पैर के बीच अनबन आईतो दांये हाथ और बांये हाथ में भी ठन आयी गर्दन घूमी
एक था लुलएक थी चुलबुलसाथ नौकरी करते थेहै ये कहानी बिल्कुल टुच्चीसीनियर बंदे कहते थे एक था लुल एक थी
NUMBER ONE SANSTOUGH COMPETITIONDON’T ASPIRE FORNUMBER ONE CONTEST ALWAYS FORNUMBER TWOPROVE HARD HITTERFOR NUMBER ONE NUMBER ONE STAYSPRONE TO LOOSEAS
छटपटा उठा हूँ मैंफड़फड़ा उठा हूँ मैंजिंदगी तेरे तांडवों सेझनझना उठा हूँ मैं भरभरा उठा हूँ मैंचर्मरा उठा हूँ मैँजिंदगी