खाली-पीली
ब्यूटीफुल तू गोरी है डिम्पल गालों पर पड़ता हैआँखों में छाई मस्ती चेहरा गुलाब सा खिलता हैचले है लहराती जब […]
ब्यूटीफुल तू गोरी है डिम्पल गालों पर पड़ता हैआँखों में छाई मस्ती चेहरा गुलाब सा खिलता हैचले है लहराती जब […]
दिल की आवाज़ पर लॉक लगा थाजुबां पर उसकी टोक लगा थाजहाँ-जहाँ वह चीखी चिल्लाईजिसको भी आवाज़ लगाईज़ाहिल है तू,
अपनी तो हमसे धुलती नहीं थीभगदड़ दिन की सुलटती नहीं थीपहिये आपस में रगड़ खाते थेगाड़ी पटरी पर भगती नहीं
ना! मैं तुमसे कोई बात नहीं करूंगामन के ठहराव पर घात नहीं करूँगाना जाने कौन सी रचना यहां आ बैठेतितली
एक फरेबी था एक दीवाना थाधोखेबाज़ी चालबाज़ी का ये फ़साना थाएक फरेबी था एक दीवाना था दो प्रेमी और विलेन
सुनिए जी ,चलिए एक बोसा हो जाईछोरिये जीआपको जी अपनी पड़ी हैआज कामवाली नहीं आई छुट्टी है छोरिये न कामकरवा
मैं उसे जानता नहीं था और वो मुझेउसने कुछ कहा किसी और सेमुझे देखा मेरे हां में हां मिलने कोमुस्कुराया
एक कप मसाला चायअदरक की महक आयरामकसम दिन बन जायखिले मन चाय मिल जाय बिस्तर में जो चाय मिलेनींद खुले
मिलन था भीड़ थी या था वह कोई झुण्डकुंभ के अवसर पर उमड़ आया था महाकुम्भदृष्टिगोचर थे चहुँ ओर तो
लव यू बेबीलव यू बेबीलव यू बेबीलव यू बेबीलव यू बेबी पर मैं तुमसे प्यार नहीं करतीलव यू बेबीलव यू
वास्को डि गामाऐ की है हंगामामामी नचे बारात विचसंग नाचे मामा अक्कड़ बक्कड़ बम्बे बोअस्सी नब्बे पूरे सौसौ में लगा
मैं तुम्हारी दाढ़ी का वो सफ़ेद बाल हूँछुपता हूँ कहीं तुम्हें नज़र न आ जाऊँमुझे मिटा डालो आईने की गवाही
एक दिन सुबह उठा तो मोबाइल नहीं बजा,स्क्रीन ऑफ, न कोई नोटिफिकेशन सजाउंगलियाँ हवा में टिक-टिक करती रह गयीं,इंटरनेट, वॉट्सऐप,
ऐ हुस्न ज़रा जाग तुझे इश्क़ जगायेकाहे मुझे तू ख़ौफ़ज़दा खर्राटे सुनाएऐ हुस्न ज़रा जाग तुझे इश्क़ जगायेऐ हुस्न ज़रा
लाइफ हुई झंड, बना दो झिंगालालादे दो मुझको एक समोसा आलूवालाखट्टी चटनी, सोंठ मसाला, तीखा वालामुझको दे दो एक समोसा
सोचा था मैं मर जाऊंगा खुद या फिर दर्द को हराऊंगाजान ले लूंगा इसकी मैं या फिर खुद मैं जान
क्या होता भगवन तू अगर पाँव नहीं देतापाँव की बजाय हमको पहिये बख्श देतास्पीड बढ़ जाती जितना तेज़ मैं भग
लम्हे जो चंद मिले हैं तो खुद पर ध्यान दो चलोकांटे हैं चुभे पैरों में ज़रा उनको निकाल चलोसफर सिर्फ
ये दुल्हन…ये दुल्हन..ये दुल्हन बच्चू ..तुझे जो थमा दी गयी हैये दुल्हन बच्चू तुझे जो थमा दी गयी हैये दुल्हन
शिकार की वो शौकीन वो उसका शिकार थाप्यार होता था कभी अब मारता फुंफकार थावो बोलती जाती थी वो केवल