हमसे कह दो (Hamse Kah Do)
नई नहीं ये मुलाकात हैरस्मे आदाब न रखोखुल के मिलो हमसे तुमकोई हिज़ाब न रखो है दिल में जो कोई […]
नई नहीं ये मुलाकात हैरस्मे आदाब न रखोखुल के मिलो हमसे तुमकोई हिज़ाब न रखो है दिल में जो कोई […]
एक रोज़ जब रिटायर हो जाऊंगा मैंपहले तो खुद को होश में लाऊंगा मैंदशकों गुलामी की जो आदत लगी हैउस
दिल से नहीं जाती है खतरनाक पाद की बदबूनिकल गया जब कहना था गर्लफ्रेंड सेआई लव यू आई लव यू
हड़कंप सी है बदन में है नस नस ढीली ढीलीकल नींद नहीं आयी ऑंखें देख गीली गीलीलगता है सर्किट हुआ
कवि की कविता और कल्पनादोनों कवि की प्रेयसी हैंजैसे कवि मासूम हैसखियाँ भी उसके जैसी हैं कल्पना कवि की आँखें
मिलते हो जब तुम मुस्कुरा देते होराम कसम मेरा दिन बना देते होअपने ज़ज़्बात मैं जो कहना चाहुं तुमसेसुनते तो
चलो ऐसे ही खेलेंना तुम हमसे बातकरो ना हम बोलेंचलो ऐसे ही खेलें आतेजाते रहें अंजानन कुछ बोलो तुमऔर न
कैसे मारें तुम्हें वो मुझे पूछते हैंज़हर दें तुमको या घोंप दें खंजरख्वाहिश हो गर कहो वो पूछते हैं मैंने
मैं खुद ही खुद से तेरी बातें करता हूँ,फिर तु बनकर खुद से तेरी कह लेता हूँ।तू नहीं है तो
मेरा तुम्हारा क्या रिश्ता है तुमको पता है या हमको पता हैबंधन यह पक्का कितना है तुमको पता है या
इश्क़ का ये कौन सा दयार हैकि हम ग़ज़ल हो गएपानी की बूँद को मोती बनाहम तो कमल हो गए
ज़ख्म अभी नए हैं घाव अभी हरे हैंदो चार दिनों में सब हो जायेगा ठीक कुछ तुमने कड़वा बोल दियाकुछ
अंगना बजे शहनाई मोरी बन्नोदुल्हन बन घर आयी मोरी बन्नो छम छम छन छन ओल्ड फैसनधमधम चलकर आयी मोरी बन्नो
चुगली करना सीख बन्नी चुगली औरत का गहना हैचुगली करके ही ससुराल में रानी बनकर रहना हैचुगली करना सीख बन्नी
लाज तुम घर की सबकी लाड़लीबेटी तुम आज ससुराल चली अरी बिटियातज घर आंगन बंधन पहने हाथों में कंगन हो
सच कहूं तो इश्क़ मुझे तुमसे नहीं हैऔर भरोसा तो जान हरगिज़ नहींपैवस्त हो दिल में ख़ुलूस की तरहनशे की
तुम्हारे तस्सव्वुर में सराबोर हो जाने की ज़िद की हैफिर एक बार रेत मुठ्ठी में दबाने की कोशिश की है
एटिकमेटिक सी मैंने गाड्डी ले देएटिकमेटिक सी मैंने गाड्डी ले देबैठ जाऊं जब मेलेतू मन्ने जाती ने जीपीएस पे टोहवे
एक बार जो गलती से उस पर हाथ उठ गयाखुद की ही नज़रों में मैं उस दिन से गिर गया