Chat GPT Pro (Ask Anyhing)
उसने कहा ‘Ask Anyhing’ चुप हो गयी कहीं खो गयी मैंने कहा ‘I know nothing’ फिर से कहा ‘Ask Anyhing’
उसने कहा ‘Ask Anyhing’ चुप हो गयी कहीं खो गयी मैंने कहा ‘I know nothing’ फिर से कहा ‘Ask Anyhing’
आओ मुझ पर चीखो मारो पीटो चिल्लाओकुछ बोलूं अगर हाथ उठाओ चुप कराओरूढ़ियों का हवाला दे पीढ़ियों से नुचवाओमेरे किरदार
ये इश्क़ तो नहीं है प्यारे,मन से तुम बीमार हो।जुनून के न जाने किसवहशी घोड़े पर सवार हो। जिससे मोहब्बत
लेते सब इज़ी होदिखो बिजी हर पलफिंगर्स मोबाइल परटेढ़ी मेढ़ी शकलकीप टॉकिंग टु टोक्योआईज ऑन लंदनआदम हो गए तुमसोशल मीडिया
एक शख्स की आज है सुहागरातकिसी एक की है ये आखिरी रात मिलन की इस रात में दोनों केएक सा
मैं जब जाता था रास्ते से हर बारएक कुत्ता मिला करता था लाचारगुमसुम परेशान सा कुछ बीमारएक दिन नजरें मिली
अकेले ही देखा था जनाब आपकोभाभीजी को कहाँ छिपा रखा थाइतने अरसे से इतना सुंदर मुखड़ाकिस तहखाने में दबा कर
बच्चा समझकर तेरे पे ज़रा सा प्यार क्या आ गयानादानियों पर तेरी छोटे हमें दुलार क्या आ गयातूने कुत्ता पीछे
माँ पर नहीं थूकतेदादी माँ पर नहींधरती सबकी माँमाँ पर थूकोगे क्या काँधे पे चढ़करकान में मूतोगे क्यासुधरोगे तो हो
मजदूर दिवस छुट्टी का दिन रमुआ बोला जय होबीवी बोली छुट्टी में अरे नाटकहै क्या ये नया हो बोला रमुआ
तुमसे प्यार है अँखियाँ तो रोयेंगी हीआंसुओं से ये पलक भिगोयेंगी हीतुमसे प्यार है अँखियाँ तो रोयेंगी ही जब न
एक तस्वीर जिसकी कोई गलती न थीएक साधना जिसमें था कोई छल नहींप्रेम तो निष्छल है कोई संशय ही नहीं
वैसे तो अपनी ये पहली मुलाकात थीउस नाज़नीं में कुछ अलग बात थीमेरी पड़ी उस पर नज़र वो बेखबरथी गुम
कच्ची उम्र थी मस्ती चढ़ी सर थीदोस्त लाया था उसको भी थमा दीउसने सिगरेट सुलगा ली अच्छा लगा एहसास हुआ
एक कौवा जो प्यासा थासोच से कुछ लंगड़ा थापूर्वजों से सुन रखा थाघड़े में पानी कम हो तोडाल घड़े में
वक़्त आ गया है कि शेर राजा तो रहेगाजंगल में मगर उससे अब कोई न डरेगावो डर जिससे कभी कांप
कुत्ते होते न दुनिया मेंतो न हम कुत्ते होते, न तुममैं भौंकता न तुम परन मुझ पर झपटते होते तुम
वो कौन हैदिल में प्यार की घंटी बजा देती हैदिमाग में रंगीन बत्ती जला देती है उलटकर पलटकर धोकर सुखाकरआपको
कुछ चलता है मन के भीतरज़ज़्बात हिलोरें लेते हैंकुछ क़दमों को है खींच रहाजब तुम से विदा हम लेते हैं
वो शख्स आइने में जो डरा करता थावो जो अलग था मैं बहादुर बच्चा थावो डरता था मैं भिड़ जाया