गुड़िया
कुछ बात नहीं थी कहने कीसबसे बातें रोज़ ही होती थींख़ास नहीं था आज भी कुछवह बेचारी भला क्या कहती […]
कुछ बात नहीं थी कहने कीसबसे बातें रोज़ ही होती थींख़ास नहीं था आज भी कुछवह बेचारी भला क्या कहती […]
बचपन से ही मीत मेरे हमें शौक था हिंदी फिल्मों काब्लैक एंड व्हाइट स्वप्न लेते थे बॉलीवुड हीरोइनों का गुज़रा
याद है तुमको छत पे तुम्हारीमैंने एक कागज़ फेंका थातुम अपनी छत पर बैठी थीमैं मुंडेर पर लेटा था दोपहर
बरात समय पर ले आना कलबरात समय पर ले आनामेरे मम्मी डैडी का एवैं,बीपी नहीं बढ़ानाअपना वायदा निभानाबरात समय पर
आदम जंगल में घूमा करता था यहाँ वहांपैरों के नीचे ज़मीन थी था ऊपर आसमां बोलने को जुबां पर था
कॉलोनी में डोगिन ने पांच बच्चों को जन्म दियादर्द लिया दर्द सहा उसने मगर उफ़ नहीं किया पड़ौस की आंटी
आ गोरी चल छत पर आ मैं कन्नी दूं तू पतंग उड़ामांजा चरखी सब दे दूंगा तू आजा बस पेंच
मुश्किलों से पाया है कड़क पापड़ मैंनेहरी चटनी से यूँ तेवर ना बिगाड़ो इसकेसॉस करी और दही से दूर ही
शाम हो चली है चलो आईने से नज़रें मिला लोन काब उतार दो असलियत से हाथ मिला लो मालूम ही
हाल पे मुझे मेरे छोड़ दो वर्ना काट खाऊंगापैर की हड्डी को तेरी मैं कच्चा चबा जाऊंगाफितरत मेरी जानले मैं
मुझको रोना किसने सिखायाप्रकृति न रोती ना चाँद सितारेपेड़ न रोते ना जिनावरजितने भी घायल हो जातेफिर मुझको भगवन क्यूं
देव गणित बोलो भला किस बात पे आखिर रूठे होबुद्धि हमारी है छोटी या तुम मुश्किल कसूते होजवाब न जिनका
आ चल भूरी पूंछ हिला लें मुझ पर चर्बी चढ़ गयी हैआंटी चैरिटी में दूध पिलाकर मूड रोमांटिक कर गयी
वक़्त के आगे कायनात भी मजबूर हो जाती हैइंसान चाहता नहीं मगर अनहोनी हो जाती हैदिल के रिश्तों के बीच
सखी री मोहे बॉस बहुरि सतावैनिस दिन जतन करूँ मुआ किन्तु झांसे में नहीं आवैसखी री मोहे बॉस बहुरि सतावै
आइना हर रोज़ कुछ ज़्यादा डराता जाता हैचेहरे पे चिंता की लकीरें गहराता जाता है।उम्रदराज़ शरीर कुछ और मुरझा जाता
चार बातें सूना दींएक गोलगप्पे के लिएबेआबरू होकर तेरेठेले से हम तो चले फ्री का गोलगप्पाइतना ही तो माँगा थाआलू
गली में भूरी डॉगी ने छः प्यारे प्यारे पपीज़ दिएमासूम थे भूरे से बड़े सुंदर सुन्दर क्यूट से पपीज़ प्यारे
एक अदद सरफिरी बेगम जैसे मौसम रंग बदल रहा हैकभी तपा देता गर्मी से कभी कम्बल कम पड़ रहा है
जो कभी न ख़त्म हो मैं हूँ वो मस्ती का खजानारहता हूँ चिल हरदम चीअरफुल जाने ये ज़मानाआये सामने कोई