टूटी चेन (Tooti Chain)
क्या तुम्हें याद होगा की कोई इतना तुम्हें चाहता हैदिन रात जागते सोते बस ख्वाब तुम्हारे देखता है बैठे होते […]
क्या तुम्हें याद होगा की कोई इतना तुम्हें चाहता हैदिन रात जागते सोते बस ख्वाब तुम्हारे देखता है बैठे होते […]
पीला सूट पहनकर निकलीतुमने गज़ब ये क्या ढा दियाफौजी आया था शहर घूमनेतुमने तो उसे फंसा दिया कैंप से बाहर
सोशल मीडिया पर बैठे कितने ज्ञानी हैंकितने परोपकारी और कितने ध्यानी हैंगागर में सागर का ज्ञान रोज दे जाते हैंदयावान
कचरे वाले ने अहा!कचरे वाले ने ऐसा जादू डालाधो डाला मन का प्यालाघर से कुड़ा कचरा थैली वैली साथ ले
मैं फौजी अफसरजब से हुआ रिटायररहता हूं अकेलामेरी कमान बेअसरमैं फौजी अफसर मैंने सबको सावधानविश्राम करायापीछे मुड़ परेड मेंतेज़ चलवाया
A Girl Called Anonymous I love my college…More than words can say. Not because of classrooms.Not because of books. Because
अपने शर्माजी थे नंबर एक पियक्कड़बॉडी थी सूखी हड्डियों में थी अकड़यहाँ वहां कहीं भी पीकर लुढ़क जातेघरवाले उनको फिर
जितने पाँव पसारेगा तू उतना ही पछतायेगाइतनी औकात तेरी खाट में सिमट जाएगा जिस रोज़ बुलावा आएगा मटकी में सिमट
हेलो लिसेन … ……अरे सुनो तोएक बार सुन लो जो में कहता हूँमैं मिडिल क्लास व्यक्ति हूँकुछ नहीं कहता सब
तेरी फुर्सत से सराबोर होने लगे हैंइतने तन्हा हैं कि बोर होने लगे हैं जब से गए हो तुम हमें
दो कुत्ते आपस में बतियाते जाते थेमालकिन पीछे डंडा लेकर आती थीकुत्ते प्रसन्न कि मालिक को घुमाते हैंमालिक खुश कि
तीखी बात का तीर चलादृष्टिकोण को बेध गयाविचारों के समंदर मेंझांझावत सा उठ गया हलचल तल तक पहुंचीक्रोध विकार घुलने
इस बार रेलगाड़ी में हमें कुछ फन्नी नहीं मिलादेखते रहे सब जगह मगर कुछ भी नहीं मिला अब क्या लिखें
बच्ची कहती है माँ सेगलबहियाँ लपेट करबाबा किसी से कह रहे थेजब जाते थे खेत पर अब पछताए का होत
कुछ दिनों से दिल का मिज़ाज़ समझ नहीं आता हैभटकता रहता था ये अब जहाँ जाता है रम जाता है
बुलाते थे जब पहलेतो आते नहीं थे तुमआना तो दूर फ़ोनउठाते नहीं थे तुम अब आये तो बस गए होघर
माँ सोई थी बच्चे ने जगायामाँ मुझको है भूख लगीमाँ ने झटक दिया उसकोसुबह की नींद बड़ी गहरी सुबह लगी
गोरी की मटकी गई है फूटकिस विधि पानी भर कै लावेरोवै गोरी ऊँट प्यासाऊँट को पानी कौन पिलावे चटक मटक
मैं हूँ दिल फेंकमैं हूँ दिल फेंकमैं हूँ दिल फेंक कहीं भी दिख जाये जली अंगीठीरोटी देता हूँ सेंक मैं
ज़िन्दगी में कुछ मिला ख़ास नहींहर चीज़ हमको कम ही मिली हैपानी कम मिला चीनी भी कमरोटी किसी तरह चल