मिलते हो जब (Milte Ho Jab)
मिलते हो जब तुम मुस्कुरा देते होराम कसम मेरा दिन बना देते होअपने ज़ज़्बात मैं जो कहना चाहुं तुमसेसुनते तो
मिलते हो जब तुम मुस्कुरा देते होराम कसम मेरा दिन बना देते होअपने ज़ज़्बात मैं जो कहना चाहुं तुमसेसुनते तो
स्टेशन के बाहर एक बच्चा रो रहा थारेल से बीच सफर में उतर जो गया था रो रहा था वो
बहोत दिना है गए सखा के धाम सुदामा सोच रह्यो मिलौ ऐसो सत्कार कि सुध घर की मैं बिसराय गयो
कोटा में साजन का घरसाजन के घर की छत परबैठी मैं मुंडेर परसोच रही थी बादल काला सर परकुछ बूंदें
चल भग जा रे कुत्ते अब ये देस हुआ बेगानालौट जहाँ से आया तेरा यहाँ नहीं ठिकाना हर कुत्ते का
शहर में जाना मानो जी का जंजाल जी जी जी जीशहर में रहना है मुहाल बस मज़बूरी है जी जी
शर्मा जी पार्क में जावें नित जावें हैं दोड़ लगाएंअच्छा खावें बढ़िया पहने सेहत पे यों ध्यान लगाएं एक दिनअनहोनी
क्या सिस्टम है क्या खानपान है क्या रूटीन हैसिस्टम के अंदर जकड़ी पब्लिक ग़मगीन हैएक के पीछे है दो और
बारिश में मन खिल खिल जायचलो चलो कहीं सैर पे जायेंसड़क किनारे घुमें बैठेंपियें नुक्कड़ वाली चाय अदरक की सोंधी
बेटी को हमने अच्छा पढ़ा तो लिया हैहोशियार हैं वैसे तो एमबीए कर लिया हैएक उलझन है मगर कैसे बताएंकम्बख़्त
सुबह रात ग़ुम कायनात फ़्रस्ट्रेशन चप्पे चप्पेनयी चाट रोज़ हो तुम खिलाते तौबा लारे लप्पेकब तक खाएं हम तेरे बिन
सरकारी था ऑफिस उस ऑफिस में मैडमबॉस की थी चहेती उनके सुपरवाइज़र हमप्रेम की इस कहानी का एक हिस्सा थे
चलो ऐसे ही खेलेंना तुम हमसे बातकरो ना हम बोलेंचलो ऐसे ही खेलें आतेजाते रहें अंजानन कुछ बोलो तुमऔर न
कैसे बचें गन्दगी से मरेंगे सब बीमारी सेकैसे बचें गन्दगी से मरेंगे सब बीमारी से दुकानदार फुर्सत में बैठा नाक
कैसे मारें तुम्हें वो मुझे पूछते हैंज़हर दें तुमको या घोंप दें खंजरख्वाहिश हो गर कहो वो पूछते हैं मैंने
मैं खुद ही खुद से तेरी बातें करता हूँ,फिर तु बनकर खुद से तेरी कह लेता हूँ।तू नहीं है तो
आज फिर किराने वाले ने उधार नहीं दिया,मज़बूर वो मज़लूम यूं गलत राह चल दिया। उम्मीद की रौशनी कुछ कम
गरमी तेरी वाट लगेझुलस गया जग साराखड़ी दीवार से खाट लगेगरमी तेरी वाट लगे हवा गरम, है पानी गरमसड़कें भी
इन्क्रीमेंट लग गयी है अब सब ठीक हो जायेगासैलरी बढ़ गयी है अब बिगड़ा नीक हो जायेगालग्ज़री जिन मजबूरों की