घायल शेर हैं बुज़ुर्ग (Ghayal Sher Hain Buzurg)
ज़िन्दगी के शिकार हुए ये घायल शेर हैं बुज़ुर्ग,इनको सहलाओ, बहलाओ, ये चल पड़ेंगे ख़ुद। कभी इनके साम्राज्य का डंका
ज़िन्दगी के शिकार हुए ये घायल शेर हैं बुज़ुर्ग,इनको सहलाओ, बहलाओ, ये चल पड़ेंगे ख़ुद। कभी इनके साम्राज्य का डंका
मेरे बचपन में तुझे छूना चाहता हूँ,एक बार तेरे संग खेलना चाहता हूँ वो हँसी, वो खेल, वो नटखट बातें,वो
कुछ चलता है मन के भीतरज़ज़्बात हिलोरें लेते हैंकुछ क़दमों को है खींच रहाजब तुम से विदा हम लेते हैं
मलाई तो मलाई है सबने ही खायी हैमुझे भी पसंद बहुत वैसे तो मलाई हैपर क्यों मलाई चाय पे पड़
दादू का आया सौवां जन्मदिनदादू ने काटे दिन गिन गिन गिनदहशत से भरा हर दिन आये लोग बधाई देनेनाच गाना
मेरा तुम्हारा क्या रिश्ता है तुमको पता है या हमको पता हैबंधन यह पक्का कितना है तुमको पता है या
इश्क़ का ये कौन सा दयार हैकि हम ग़ज़ल हो गएपानी की बूँद को मोती बनाहम तो कमल हो गए
किस चक्रव्यूह में आ फंसा है मैनेजरयहाँ भोकते हैं मुंहलगे कुत्ते मालिक केलोग जो रख छोड़े हैं तेरी हुक्मरानी मेंआत्मा
सैया रिटायर भये सखी मैं उकताय गयीतेरे भैया रिटायर भये आफत आय गयी बैठे घर हुकम चलावें चाय पियें चार
ज़ख्म अभी नए हैं घाव अभी हरे हैंदो चार दिनों में सब हो जायेगा ठीक कुछ तुमने कड़वा बोल दियाकुछ
बचपन है खूबसूरत जवानी मनोरंजनबुढ़ापा तो जनाब बस झिक झिक हैकमजोरी बीमारी हर दिन लाचारीदवाखाना अस्पताल ही पिकनिक हैबुढ़ापा तो
एक ज़माना था जब फ़िल्में ब्लैक हुआ करती थीकाले कोट में हीरो की एंट्री हुआ करती थीहिंदी फिल्मों के उस
अंगना बजे शहनाई मोरी बन्नोदुल्हन बन घर आयी मोरी बन्नो छम छम छन छन ओल्ड फैसनधमधम चलकर आयी मोरी बन्नो
कल की चिंता छोड़ जीना सीख आज मेंजो ऐश करनी है कर ले बाप के राज मेंबाप की पूंजी में
चुगली करना सीख बन्नी चुगली औरत का गहना हैचुगली करके ही ससुराल में रानी बनकर रहना हैचुगली करना सीख बन्नी
लाज तुम घर की सबकी लाड़लीबेटी तुम आज ससुराल चली अरी बिटियातज घर आंगन बंधन पहने हाथों में कंगन हो
हँसेगौ संग हँसावेगौ बावरौ बिरजू बिरजू बावराटेंशन मुक्त करावेगौ बावरौ बिरजू बिरजू बावरानाचैगौ नचवावेगौ बावरौ बिरजू बिरजू बावराकमर मटकावेगौ बावरौ
मिलने और बिछड़ने में है एक पल का फासलापल में हम मिल गए पल ही में हो जायेंगे जुदाबिछड़ गया
सच कहूं तो इश्क़ मुझे तुमसे नहीं हैऔर भरोसा तो जान हरगिज़ नहींपैवस्त हो दिल में ख़ुलूस की तरहनशे की
तुम जो सही नहीं हो तो कोई बात नहींकम सही ज़रूर हो पर गलत तुम नहींअधूरे इस जहाँ में जब