काफिर (Kaafir)
तुझ में खुदा हैमुझ में खुदा हैतेरे खुदा सेमेरा दिल लगा हैतेरे खुदा कोमैंने सजदा किया तोदुनिया ने क्योंमुझको काफिर […]
तुझ में खुदा हैमुझ में खुदा हैतेरे खुदा सेमेरा दिल लगा हैतेरे खुदा कोमैंने सजदा किया तोदुनिया ने क्योंमुझको काफिर […]
आओ भाई लाओ अब जाने दोमेरा चश्मा और छड़ी मुझे दो आखिरी दफा नहला दो मुझेउजले कपड़े दो पहना दो
कल फादर्स डे है मेरी बेटी ने याद दिलायाजब उसने बाजार से मेरे लिए गिफ्ट मंगाया बेटियां ऐसी होती हैं
मॉल वाले बिल से पिलाते हैंटपरीवाले दिल से पिलाते हैंमॉल का स्वाद मुँह बन जाएइतनी महँगी गश आ जाए टपरी
समय देख कर उठते होबैठते सोते जगते होघड़ी से ही पूछ करधोते नहाते खाते होजरा देर हो जाए तोबेचैन तुम
कल का दिन कुछ खास थामेरे जन्मदिन पर परिवारसाथ था गुब्बारे बेचती महिलाका छोटा सा बच्चामासूम चेहरानीचे से नंगाटूकुर टूकुर
अथाह ब्रह्माण्ड में तुमअकेले दमकते होऊजिय़ारा फैलाकरअंधेरे समेटते हो काले अंधेरे को नीलगगन दिखाते होक्या दिखाना चाहते होवैसे भी गगन
ये कविता है माँकविता मेरी है मुझे बहुत पसंद है कविताहम दोनो की जोड़ी सबको भाती हैमाँ ये कविता हैकविता
प्यार था विश्वास थादोनो के रिश्ते मेंबहुत कुछ खास थाप्यार का मैं उनसे कभीइजहार न कर सकामैं अपने पिता के
OBSERVATION Observation is not a window.It’s a hammer. A silent force that strikes the doors of the unknown—until they open…or
हम जब छोटे थे मासूम कुछ खोटे थेसारा सारा दिन बस हुड़दंग मचाते थेपच्चीस पैसे में चूरन खरीद खुद कोकितना
बचपन में जब कभी चोट लगती थीमां कहती थी बेटा रोया नहीं करतेदेकर खिलौना या तोहफा कोईबहला देती दिल छोटा
यूं तो वे सीधे सज्जन और सरल थेबाबूजी के जीवन के फलसफे अटल थेशिक्षक थे क्लास हमारी अक्सर लगतीमुश्किल परचे
घर बनने की आस मेंवीरान पड़े मकानखुद के वज़न से लाचारसूरमां पहलवानदेवालयों की भीड़ मेंगुम हुए भगवान्हमने देखे है बारिश
कॉमन मैन ये है कॉमन मैनसंघर्ष करता रहता हैअपर क्लास और लोअर क्लासके बीच में पिसता रहता है कॉमन सुबह
मेरी ज़िन्दगी का मक़सद था क्या पाया क्या है खोयाकहीं ठहरूं सुकून में जीऊं नहीं ऐसा वक़्त आयातुम जो मिले
पोंछता हूँ धो देता हूँ बात बात पे रो देता हूँइसकी उसकी चुगली मैं गोभी खोद देता हूँमैं धोऊँ रोज़
जीवन के अंजान सफर में नया मोड़ आने वाला हैएक राह मुड़ने वाली है तो एक राह जुड़ने वाली हैसफर
याद आती हैं रेलगाड़ी की स्लीपर क्लास की सीटेंज़िन पर हम खा पीकर सो जाते थे चादर खींचे एक सीट
जिंदगी कुत्ते से बदतर हैजिंदगी कुत्ते से बदतर हैदरवाजा नहीं खुलता दयाकुछ तो गड़बड़ है चिल मारना चिल मारना चिल