शोना बाबू की स्पोर्ट्स बाइक (Shona Babu Ki Sports Bike)
एक दौर था शोना बाबू की टॉर हुआ करती थी मंहगी बाइक पर बैठ उनकी चौड़ हुआ करती थी बाइक
एक दौर था शोना बाबू की टॉर हुआ करती थी मंहगी बाइक पर बैठ उनकी चौड़ हुआ करती थी बाइक
इंसान मैं आम था मुझको वो नवाब बनाकर ले गयीलखनऊ शताब्दी मुझे ख़ास मेहमान बनाकर ले गयी सोते सुलाते बतियाते
जितनी दर्द की दिल पर बारिश होती हैजितनी मेरे जुनूं की आजमाईश होती हैतुझे पाने की और भी ख्वाहिश होती
ज़िन्दगी एक दिन और ढलने को है सुहानी रात ये अब ढलने को है एक नयी सुबह निकलने को है
मेरी नज़र से न दुनिया को देखो जहां ये तुम्हारा यूं ही चलेगा गुजर जाएंगे दिन मेरे गम के ये
ग़म संभलता नहीं दम निकलता नहींस्याह रात ये क्यों काटे कटती नहीं हैतेरी खुश्बू से घर अब भी लबरेज हैये
बच्चे के जैसे मुझसे वो बस खेला करता हैखेल कर मुझसे वो यूँ मन बहलाता रहता हैकितनी बार टूटा हूँ
आरजू थी हमें सर उठाए के जीने की रोटी कपड़ा मकां से कुछ ज़्यादा की ज़िद थी कोशिश करते रहे
एक उमर तक ये दर्द मुझे लीलता गयाकमज़र्फ जाते जाते बुरे हाल छोड़ गया खटकता रहा वो किसी किरायेदार सागया
कल फादर्स डे हैबेटी ने याद दिलायाजब उसने बाजार सेमेरे लिए गिफ्ट मंगाया बेटियां ऐसी ही होती हैंहम सोचते रह
ज़िन्दगी से कहाँ कुछ ज़्यादा कमायासच गर कहें तो हमने धोखा ही खायाउम्रदराज़ गोया हम रहे कसमसातेबचपन गया तो सीधा
तेरे प्यार में गिरे थे किसी ज़माने मेंउम्र गुज़र गयी कुल रूठने मानाने मेंउम्र दराज़ मांग कर लाये थे चार
राह अगर वो न मुड़ गयी होतीराह अगर वो न मुड़ गयी होतीतो मंज़िल हासिल हो गयी होती मंज़िल हासिल
तू खुश तो खुश होना है मुझेतू ग़मगीन हो तो रोना है मुझे बॉस है तू मैं हूँ मुलाज़िम तेराउँगली
मैं चला जाऊँगा किसी गुज़रे लम्हे की तरहगया एक बार तो फिर लौटकर न आऊंगा सेहरा किसी की ख़ुशी किसी
झूठ ही सही वो तारीफ मेरी कर दिया करता थामेरे किरदार के दाम अच्छे लगा दिया करता था ये नज़रें
गोरे मन भाय रहीकारे संग ब्याह दईमेरे लिखे करम ऐसेबैठी पछताय रहीगोरे मन भाय रहीकारे संग ब्याह दई कारो उज्जड
कुछ नहीं बदलाकुछ नहीं बदलाकुछ भी नहीं बदला कुछ नहीं बदलाकुछ भी नहीं बदलता हैदिन रात का सफरयूँ ही चलता
कौन कहता है कि सुनता नहीं खुदाखुदी को भूल कर तू हाथ उठा दुआ में अपना सर तो झुकाचल उठ
ऐ दर्द तेरा शुक्रियातू मुझको बहलाता रहादुनिया ये सितमगर हैएहसास दिलाता रहा ऐ दर्द तेरा शुक्रियातू मुझको बहलाता रहा बेशक