MISSED BY CHANCE!
हम तुम कभी फ्लाइट से जो जाएँऔर फ्लाइट मिस होजाए मुँह दिखाने के काबिल खुद कोन हम रह पाएं सोचो
हम तुम कभी फ्लाइट से जो जाएँऔर फ्लाइट मिस होजाए मुँह दिखाने के काबिल खुद कोन हम रह पाएं सोचो
इसका इससे उसका उससेइनका इनसे उमका उनसेमन का एका अब हो गया है मतलब ये है बस ये समझ लोसब्र
हर शख्स हंस रहा है हर कोई गा रहा हैखुश है फरेबी दुनिया टशन आ रहा हैदुःख दर्द परेशानी हों
पान तू खाता नहीं बीड़ी तू पीता नहींसिगरेट छुआ नहीं तू करता क्या हैबन्दे तेरी ज़िन्दगी में बचा क्या है
ये भड़ास किसलिए ये प्यास किसलिएतुम तो थे झक्कास बकवास किसलिए तीन में तुम नहीं और न हो तरह मेंफंसे
स्मार्ट तुम पढ़े लिखे हो, है अच्छी नौकरीसोच मगर छोटी है, ईगो बहुत बड़ीबॉस बन कर बैठे हो, हैं अच्छे
ख्वाब सा लगता है तेरा हमसे यूँ मिल जानाहकीकत में तो ये मुनासिब नहींउतर आयी है आसमां से जो मेरे
मुश्किल है फुर्सत मशरूफियत के दौर मेंनिकल चलो यारो गुज़ारें कुछ दिन बैंगलोर मेंबैठेंगे बगीचों में हम लेंगे चाय की
पापा पत्थर सा खुद को समझते हैंसारी दुनिया से टकरा जाते हैंबेटी की एक ख्वाहिश पे मगरमोम से पिघल जाते
दिल आशना मगर आरज़ू कहाँ से लाऊँख्वाहिशें हैं मगर ज़ुस्तज़ु कहाँ से लाऊँलब सिल गए हैं खुशी कहीं खो गई
हुआ करती थी कभी जो सियाहरेशमी ज़ुल्फ़ें,लटों पे मर-मर जाया करती थींशोख हसीनाएँ। सफ़ेद बाल चंदतकिये के नीचे कल मिले।
मसाइल जो दरमियाँ हैं उन्हें सुलझा तो लेंयारों में नाम तेरा शामिल हो हमें गवारा नहींबड़ी मुश्किलों से संभाला है
आज की सुबह ने एक बार फिर बन्देतेरी थाली में और एक दिन की ताज़ीज़िन्दगी परोस दीतेरे हाथ है इसको
कुछ तो खुदा की मर्ज़ी रही होगीकुछ तक़दीर बेवफा रही होगीकुछ कायनात की तिश्नगी होगीइंसां इंसां में वर्ना इतना फर्क
वाह ऐ खुदाया ये तेरी खुदाईछोटे बड़े का कैसा खेल रचायासोच छोटी है बड़े दिलवालों कीदिल छोटों का भी छोटा
पशेमा न हो कि तू वक़्त पर नहीं पहुँच सकाऊपरवाले ने तुझे वहां रखा जहाँ होना चाहिएमाना कि मिजाज़ मौसम
कैसे कह दूँ की तुम मेरी ज़रुरत नहींतुम बिन ज़िन्दगी का सबब ही नहींअकेला हूँ मगर भीड़ भी चाहिएफुर्सतों के
हथेलियां रगड़ जगा देते थे जो आतिशेंऐड़ियाँ रगड़ते हुए गए हमने देखा हैकरम का लेखा है यहीं देना पड़ता हैशौक
आज का दिन खास हैसुबह जगाती आस हैहर लम्हा जीना सीखोउम्मीदें आसपास हैं कल जो था गुज़र गयातेरे हाथ अवसर
उसने खुद ही यूँ रिश्तों को तार तार कर लियागैरों को अपना समझा अपनों को रुसवा किया दिल के दरवाज़े