इत्ती सी चिड़िया (Itti Si Chidiya)
बच्ची कहती है माँ सेगलबहियाँ लपेट करबाबा किसी से कह रहे थेजब जाते थे खेत पर अब पछताए का होत […]
बच्ची कहती है माँ सेगलबहियाँ लपेट करबाबा किसी से कह रहे थेजब जाते थे खेत पर अब पछताए का होत […]
कुछ दिनों से दिल का मिज़ाज़ समझ नहीं आता हैभटकता रहता था ये अब जहाँ जाता है रम जाता है
बुलाते थे जब पहलेतो आते नहीं थे तुमआना तो दूर फ़ोनउठाते नहीं थे तुम अब आये तो बस गए होघर
माँ सोई थी बच्चे ने जगायामाँ मुझको है भूख लगीमाँ ने झटक दिया उसकोसुबह की नींद बड़ी गहरी सुबह लगी
गोरी की मटकी गई है फूटकिस विधि पानी भर कै लावेरोवै गोरी ऊँट प्यासाऊँट को पानी कौन पिलावे चटक मटक
मैं हूँ दिल फेंकमैं हूँ दिल फेंकमैं हूँ दिल फेंक कहीं भी दिख जाये जली अंगीठीरोटी देता हूँ सेंक मैं
ज़िन्दगी में कुछ मिला ख़ास नहींहर चीज़ हमको कम ही मिली हैपानी कम मिला चीनी भी कमरोटी किसी तरह चल
आपने पहल कर दी हैमेहमान बना कर हमकोआवभगत ऐसी दी है किरूह तक जीत ली है कहते हैं कि दिल
हम घुटनों पे चलते थेभेजे से सोचा करतेदुनिया भर की बातेंइस डब्बे में भर लेते पैरों पर जब चलते थेघुटने
रेलगाड़ी की खिड़की से बाहर जो देखावक्त रात का था हर ओर पसरा अँधेरा मैंने नज़र दौड़ाई तो चाँद नज़र
खुल गयी खुल गयी खुल गयी हैखुल गयी खुल गयी खुल गयी हैसपनों के ताज़ा रस की दूकान सुन्दर सुन्दर
जीवन खेला सांप सीढ़ी का हैजीवन खेला सांप सीढ़ी का हैजीवन खेला सांप सीढ़ी का हैजीवन खेला सांप सीढ़ी का
नई नहीं ये मुलाकात हैरस्मे आदाब न रखोखुल के मिलो हमसे तुमकोई हिज़ाब न रखो है दिल में जो कोई
एक रोज़ जब रिटायर हो जाऊंगा मैंपहले तो खुद को होश में लाऊंगा मैंदशकों गुलामी की जो आदत लगी हैउस
खिली खिली सी सुबह मेंखिला खिला सा मेरा मनमंद हवा के झोंकों सेइठलाते उपवन में सुमन अँधेरे से लड़ते झगड़तेरौशनी
सावन में बारिश का देखो कहरसूरज बैठा घर बादलों से छिपकर काले बादलों ने लगाया था डेरापहरा तगड़ा था मज़बूत
दिल से नहीं जाती है खतरनाक पाद की बदबूनिकल गया जब कहना था गर्लफ्रेंड सेआई लव यू आई लव यू
हड़कंप सी है बदन में है नस नस ढीली ढीलीकल नींद नहीं आयी ऑंखें देख गीली गीलीलगता है सर्किट हुआ
एक और दिन उसनेकुछ यूँ गुज़ार दियासूरज पूरब से पकड़ापश्चिम में उतार दिया इन्तहा हो गयी थीउसके इंतज़ार कीमहबूब भी
ये हमको पता हैजहाँ ने सबको ठगा हैतेरे ऐतबार पे एक बारफिर ऐतबार जगा हैपता है कि ज़ख्मफिर से लगेंगे