दरियादिली (Dariyadili)
दरियादिली तो देखी है पीने पिलाने वालों मेंपिलाते हैं ज़िद भी करते हैं और लो और लो
दरियादिली तो देखी है पीने पिलाने वालों मेंपिलाते हैं ज़िद भी करते हैं और लो और लो
बलिहारी प्रियतम मेरे निस दिन जो गुटखा चबाते होमुख की शोभा रखते निर्मल घर आँगन महकाते हो रूम फ्रेशनर एयर
ओ यूट्यूबर मुझे लाइक तो कर ओ यूट्यूबरओ यूट्यूबर मुझे लाइक तो कर ओ यूट्यूबरमेहनत से बनी मेरी वीडियो का
मैं और मेरा बेटा बात कर रहे थेबातों में ही समय पास कर रहे थेबेटे को शादी रजिस्टर करानी थीसरकारी
चाय पीना पिलाना न सिर्फ एक रिवाज हैहै शै ये जिससे रिश्तों में सोज़-ओ-साज़ हैचाय की महक से तबीयत खिल
तेरा नाम ले कर चलूंदिल की ख्वाहिश बोल दूँतेरी यादों के सफर मेंहर पल मैं यूं ही खो दूंसफ़ीने पे
शहज़ादे यह तुमने क्या रायता फैला दियाहमारी परवरिश का तुमने यह सिला दियापढ़ा लिखाकर तुम्हें हमने डॉक्टर बनायासोसाइटी में नाम
हाथ जोड़ूं राधा कल टाइम से आ जानाघर के कामों का नहीं तेरे बिना ठिकानाझाड़ू पोछा बर्तन कपडे सर दर्द
कुछ बात नहीं थी कहने कीसबसे बातें रोज़ ही होती थींख़ास नहीं था आज भी कुछवह बेचारी भला क्या कहती
बचपन से ही मीत मेरे हमें शौक था हिंदी फिल्मों काब्लैक एंड व्हाइट स्वप्न लेते थे बॉलीवुड हीरोइनों का गुज़रा
याद है तुमको छत पे तुम्हारीमैंने एक कागज़ फेंका थातुम अपनी छत पर बैठी थीमैं मुंडेर पर लेटा था दोपहर
बरात समय पर ले आना कलबरात समय पर ले आनामेरे मम्मी डैडी का एवैं,बीपी नहीं बढ़ानाअपना वायदा निभानाबरात समय पर
आदम जंगल में घूमा करता था यहाँ वहांपैरों के नीचे ज़मीन थी था ऊपर आसमां बोलने को जुबां पर था
कॉलोनी में कुटिया ने पांच बच्चों को जन्म दियादर्द लिया दर्द सहा उसने मगर उफ़ नहीं किया पड़ौस की आंटी
आ गोरी चल छत पर आ मैं कन्नी दूं तू पतंग उड़ामांजा चरखी सब दे दूंगा तू आजा बस पेंच
मुश्किलों से पाया है कड़क पापड़ मैंनेहरी चटनी से यूँ तेवर ना बिगाड़ो इसकेसॉस करी और दही से दूर ही
शाम हो चली है चलो आईने से नज़रें मिला लोन काब उतार दो असलियत से हाथ मिला लो मालूम ही
हाल पे मुझे मेरे छोड़ दो वर्ना काट खाऊंगापैर की हड्डी को तेरी मैं कच्चा चबा जाऊंगाफितरत मेरी जानले मैं
मुझको रोना किसने सिखायाप्रकृति न रोती ना चाँद सितारेपेड़ न रोते ना जिनावरजितने भी घायल हो जातेफिर मुझको भगवन क्यूं
देव गणित बोलो भला किस बात पे आखिर रूठे होबुद्धि हमारी है छोटी या तुम मुश्किल कसूते होजवाब न जिनका