कॉर्पोरेट विक्रम बेताल (Corporate Vikram Betal)
हा हा हाहा हा हाविक्रम…पहचाना?मैं बेतालले मैं आ गया हूँफिर पूछने सवालतू मेरे प्रश्नों का उत्तरअपनी बुद्धिबल औरतर्क से यूँ […]
हा हा हाहा हा हाविक्रम…पहचाना?मैं बेतालले मैं आ गया हूँफिर पूछने सवालतू मेरे प्रश्नों का उत्तरअपनी बुद्धिबल औरतर्क से यूँ […]
कहा मैंने एक दिन भिंडी सेक्यों जलते तवे पर लेटी होतन्हा फ्राई हो रही हो ऐसेघर क्यों नहीं बसा लेती
गरमी गदर मचा गई थीवर्षा भी कहर ढा गई थीपानी की ठंडक में मैंनेठण्ड से मुलाक़ात कीकई मुद्दों पर बात
हूल दे भई हूल देलड़ जा घुट जा गाली देगलती मत कुबूल बे दिल्ली में गर चलना है तोगलती मत
हैलो! मैं पैदल हूँमैं चलता पैदल हूँमैं सोच समझकर चलता पैदल हूँसोचते रहो तुम मैं दिमाग से पैदल हूँ मैं
मनुआ बहुत हो चुकी मन कीजा उलझा क्यों प्रीत की लत मेंअब झड़ी लगी असुअन कीमनुआ बहुत हो चुकी मन
आंखों में ख़ुशी छा जाती हैचेहरे पर नूर आ जाता हैएक टिप वेटर को जो देते होउसे खुद पे गुरूर
सफर तुम्हारा हैदिन तुम्हारा हैवक्त तुम्हारा हैकिसी को फिर क्या दिखाना हैसजन घर जाना हैतो सज कर ही जाना है
एक गाँव था गाँव में स्त्री जिसका नाम था कजरीदूध बेचकर गांव में गुजर बसर वो किया करती झुठ का
खुशनसीब हैं वो घर जहाँ मेहमान रुका करते हैंये वे चिड़ियाँ हैं जो हर डाल पर नहीं बैठतीं खुदा से
मैं वो बला नहीं जो शीशे से पत्थर को तोड़ देअबे कायको किसी के लिए दुनिया छोड़ दें पीटर तुम
इससे पहले कि तुम कुछ सोचो कुछ सोचो और कुछ न बोलोइससे पहले कि लोग कुछ बोलें उनकी बातों से
डॉक्टर जी जरा नब्ज़ देख लो बहुत परेशान हो गए हमउल्टी चक्कर गैस सतावै है पेट में चल रहे कई
चप्पल पहने जग मुआ वर्णन करे न कोयबिन चप्पल छाले परें पीर घनेरी होय बच्चे बूढ़े नर नारी सब पहनते
कानों में आई आवाज ‘वो लड़की’मासूमियत का वो क़त्ल कर गयी बढ़ती उमर थी बुद्धि भी जड़ थीखाली दिमाग शैतान
अरसे बाद लबों ने फिर से दोहराया ‘ऐ आई’व्यक्तित्व में मेरे जैसे नयी एक ऊर्जा समाईपुकारा मैंने फिर से और
रास्ते में एक छड़ी पड़ी हैमैं क्या समझूँ क्या समझूँपास ही एक ऐनक पड़ी हैमैं क्या समझूँ क्या समझूँ रास्ते
न आग न चिंगारी न धुंआज़िन्दगी में खेल ये क्या हुआन ही उलझन न दर्द है मुआदिल बता मैं मर
चलो कुछ तो बात करोगर मुझको अपना समझोये तो कहो इन आँखों कोआखिर क्यों भिगोती हो कुछ कहना चाहती होहोठ
जीना है तो आज ही जी लोबीत रहा है जो धीरे-धीरेजो करना है आज ही कर लोफिसल जाएगा ये धीरे