मैं क्यों ना नाचूं! (Main Kyon na Naachun)
बंद करो बकवासमेरी उम्र न देखो बॉसमैं यंगमैन झक्कासअभी सेहत है बिंदासमैं क्यूं न नाचूपोते की सगाई में मैं क्यों […]
बंद करो बकवासमेरी उम्र न देखो बॉसमैं यंगमैन झक्कासअभी सेहत है बिंदासमैं क्यूं न नाचूपोते की सगाई में मैं क्यों […]
गला चीखता जाता थापत्थर गुम सहमा सा थागले बाकी पीछे चिल्लातेसंग में ताल मिलाते जातेबाजा था सष्ठम सुर परमानो मानेंगे
वो कौन है दिल में प्यार की घंटी बजा देती हैदिमाग में रंगीन बत्ती जला देती है उलटकर पलटकर धोकर
बापू तेरे राज में मौज खूब उड़ाईतू एटीएम तू पेटीएम तू यूपीआई हाथ साफ करते जब जब पैसे की किल्लत
परम पूज्य मातेश्वरीश्री ऐ आई सुनो नापाप की मटकी मेंअलार्म लगा दो न पाप जब बढ़ जाएमटकी भरने को जब
घर बैठे काम चलेगा नहींक्योंकि तू मर्द बच्चा हैतेरे वज़ूद के इर्द गिर्दघूमता परिवार का चक्का है ये सिस्टम ही
कल कॉलोनी में रावण फिर जल गयाराख और कचरे के ढेर में बदल गयाकल कॉलोनी में रावण फिर जल गया
बाथरूम में गा लो चाहे यारों को पका लोस्टेज पर जा के गाने में हो जाते कुत्ते फेलफैन फॉलोइंग बनाने
क्या हुआ ब्रो तुझे कोई सांप सूंघ गयाक्या हो गया जो तुझसे उधार मांग लिया हाँ हाँ याद है डिअर
मत रम मनुआ मंदिर में गला भर्राया गाता होगाबेसुरे ताल मिलाते होंगे सरगम गश खाता होगारोता होगा हारमोनियम सुर अश्क
पानी मिले चाय मिले खाना मिले न मिलेऐसा पड़ौसी लिल्लाह किसी को न मिले मेरा पड़ौसी कचरा सड़क पे डालता
पब्लिक प्लेस में जब भी जाए गुटखा न थूके धुआं न उड़ाएनशे की अगर बास न छोड़ेसमझ लेना वो मर्द
बोझ इस कदर था उसके कन्धों परउलझनों से उसे सदा घिरा देखा इंसान था वह भी हंसना जानता थामगर जब
कुकर कुकर्मी मुझे देख तू सीटी क्यों बजाता हैदाल कहीं और गला भला मुझ से क्या नाता है मैं कमसिन
ये तेरे तेवर और ये कलेवरजा किसी और को दिखईयोतू हमसे है समझी! ये अकड़किसी और को दिखईयोजाती है कि
जिनको आना था मेरी आवाज़ पर आयेतू नहीं आया तूने कितने बहाने बनायेदेख ली यारी तेरी झांसे में आऊंगा नहींतुझे
मियां इज़्ज़ार बेग़ होते थे एक चचा अपनेबड़े लोगों में बैठते खूब खर्च किया करते शाही ठाठ गए हो गयी
का करूँ सजनी ये पेट निकला जाएमोमोज बर्गर बैठे इसमें दुकान सजायेकाबू में न आए रोज़ बढ़ता ही जाएका करूँ
बड़े ढीले होते थे बड़े बाबूस्टाफ पर नहीं था कोई काबूबेकाबू वो स्टाफ के चलतेअफसर से खाते थे रोज़ चाबुक
मन रे क्यों बेकल होता हैक्यों नहीं बिज़नेस कर लेता हैलक्ष्मी जी घर आएं स्वाद प्रॉफिट काक्यों नहीं ले लेता