बॉस (Boss)
बॉस चैक मेरा रोज़ प्रोफाइल करता हैमेरे हुनर का यूँ तो इस्तेकबाल करता हैतनखा नहीं बढ़ाता स्माइल करता है सामने […]
बॉस चैक मेरा रोज़ प्रोफाइल करता हैमेरे हुनर का यूँ तो इस्तेकबाल करता हैतनखा नहीं बढ़ाता स्माइल करता है सामने […]
हम करते हैं इंतज़ार तुम आ जाओघर आंगन है तैयार तुम आ जाओआ जाओ कोना कोना महका दोघर संसार तुम्हारा
डिजिटल क्लॉक में अंक तीनघंटा मिनट और सेकंड तीनक्या मतलब क्या कहते तीन घंटा बोले इतनी जल्दी है क्याआराम कर
बेटी बिन बाप की जैसे तैसे बड़ी हो गयीलड़की गरीब की जब इक्कीस की हो गयीउसकी शादी की मां को
अदा ओ शोखियों में कहो प्यार किसका हैमैं तो यहाँ हूँ फिर इंतज़ार किसका है बातों बातों में अगरचे हो
खुले बाल सजी संवरी इत्र की महक फैला गयी हैंसबकी धड़कने तेज़ हो गयीं आँखों के तीर चला गई हैंथाम
ऐतवार की शाम ही से मन जो दुश्वार सा लगता हैसोमवार की सुबह से जिसका इंतज़ार सा लगता हैशुक्रवार जब
वक़्त के अंधे कुए में ग़म हुए कुछ दोस्तयादों में बसा करते हैं वो बिछड़े हुए लोगक्या होगा अचानक अगर
जानता हूँ किसी रोज़ मोड़ मुड़ जाऊंगागोया जिस रोज़ भी तुम्हें छोड़ जाऊंगादिलों में उम्मीद एक लगन छोड़ जाऊंगा ज़िन्दगी
यादों के बंद बक्से से निकली पुरानी किताब हैदस्तक पुराने यार ने दी है दिल बाग बाग हैएक उम्र गुज़र
मैं आईना हूँ हमराज़ तेरा मैं भी हूँतू माने न माने इश्क़ तेरा मैं भी हूँ इन आँखों में जब
डर के साये में पलकर सहमी सहमी बड़ी हुईउस घर से इस घर आयी मजबूरी भी साथ हुईतेरे आने की
झुकी मूछों में ज़रा सा ताव ज़रूरी हैरिश्तों में खुलूसो खिंचाव ज़रूरी हैपत्थर बनकर मत रोको रौ दरया का तरक्की
बाजार में खड़े हो तो बच न सकोगे हुज़ूरखरीदार न बन सके बिक जाओगे ज़रूरबिकता था सामां कभी दूर शहर
मीठी या खट्टी लगे स्वाद समझ न आयेऐ दाना ऐ मूंगफली मन को तू अति भावेबच्चे बूढ़े अमीर गरीब सबको
हैरां क्यों हो मेरा ये रंग रूप देखकरपौधा में हरा ही मगर शहर में है बसरकुछ पत्ते मेरे हरे और
माँ बाबा तुम अपने थे क्यों आज बेगाने लगते होक्यों बेटी की नज़रों में खुद को पराया करते हो बाबा
किसी की थी मगर मुझको भा गयी थी तुमसज संवर का फिर घर मेरे आ गयी थी तुम क्या बताऊँ
एक लड़की जिसका नाम है सर्मिष्ठा चौधुरीमैं जानता हूँ उसको मगर मिला नहीं हूँ कभी नाटक में किरदार थी कलाकार
स्वाद के रस्ते से होकर बस दिल में उतर जाती हो तुमइस घर को संवारा तुमने चारों कोने महकाती तुमछोटे