मैं चला जाऊँगा…. (Main Chala Jaaunga)
मैं चला जाऊँगा किसी गुज़रे लम्हे की तरहगया एक बार तो फिर लौटकर न आऊंगा सेहरा किसी की ख़ुशी किसी […]
मैं चला जाऊँगा किसी गुज़रे लम्हे की तरहगया एक बार तो फिर लौटकर न आऊंगा सेहरा किसी की ख़ुशी किसी […]
झूठ ही सही तारीफ वो मेरी कर दिया करता थामेरे किरदार के अच्छे दाम लगा दिया करता था ये नज़रें
गोरे मन भाय रहीकारे संग ब्याह दईमेरे लिखे करम ऐसेबैठी पछताय रहीगोरे मन भाय रहीकारे संग ब्याह दई कारो उज्जड
कुछ नहीं बदलाकुछ नहीं बदलाकुछ भी नहीं बदला कुछ नहीं बदलाकुछ भी नहीं बदलता हैदिन रात का सफरयूँ ही चलता
कौन कहता है कि सुनता नहीं खुदाखुदी को भूल कर तू हाथ उठा दुआ में अपना सर तो झुकाचल उठ
ऐ दर्द तेरा शुक्रियातू मुझको बहलाता रहादुनिया ये सितमगर हैएहसास दिलाता रहा ऐ दर्द तेरा शुक्रियातू मुझको बहलाता रहा बेशक
ऐ प्यारी फूलों की मालातेरा कोई नहीं है रखवालाताज़ा थे फूल तो देवों का साथ थामुरझाये तो कचरे की पेटी
आगे बढ़ने की दौड़ में वो जो खरगोश थाऐसा भागा कि बस भागता ही रह गयायह न सोचा घर परिवार है
राख से बने हम राख की तरह जलेराख बनकर ही चले जाना है सजनकुफ्र मत तोलो खुदा के पास जाना
कितने मुर्गेतेरे जश्न मेंकुर्बान हो गएलम्बी उम्र कीदुआ तुझे मिलीबेचारेबेजान हो गए
कभी कभी मज़बूरी इतनी बढ़ जाती हैकि ज़िन्दगी छोटी पड़ जाती हैशहर के शोरगुल से दूर कहींखामोशी कोहराम मचाती है
हम तुम मिले भी तो रेल की पटरियों के जैसेकुछ वक्त संग चले फिर मुड़ गया सफरचाहत के बाग हुए
वो आया तो किसी आफत की तरहसंग रहा मेरे बुरी आदत की तरह कर गया इस तरह वो बर्बाद मुझेगया
तेरी आँखों में बसी है मेरी कहानीजिसमें हर दिन की सुबह है सुहानीतेरे बगैर ये दिल था अजब वीरानाहर राह
बिखरे हैं टूट कर तार तार अभी तुम्हारे बिना हो रहा है ज़ार ज़ार ये दिल अभी तुम्हारे बिनाडूबे हैं हम
सरकारी एक दफ्तर था दफ्तर में एक अफसर था अफसर जितना रॉयल था बाबू उतना लॉयल था अफसर ने पर्चे
तुम जो अपने ही ख्यालों में खोई रहती हो बेख्याली में खुद से ही बातें करती रहती हो इल्म है! तुम
बहुत गुज़रे दिन मन सलामी देते देते एक युग बीतने को है गुलामी खेते खेते मिला जो अब सब तक टुकड़ों