राज-नीति-शस्त्र(Raaz-Neeti-Shastra)
‘राज’ और ‘शास्त्र’ दो दोस्त हैं‘नीति’ ‘राज़’ की सौतेली बहन है‘शिक्षा’ ‘शास्त्र’ की पड़ोसन हैऔर ‘नीति’ की बाल सखी है […]
‘राज’ और ‘शास्त्र’ दो दोस्त हैं‘नीति’ ‘राज़’ की सौतेली बहन है‘शिक्षा’ ‘शास्त्र’ की पड़ोसन हैऔर ‘नीति’ की बाल सखी है […]
ब्रांडेड का चलन आज आम हैब्रांडेड ही सर्दी और जुकाम है धागा लोकल कपड़े ब्रांडेड हैंगाय लोकल है दूध ब्रांडेड
जिस्म में एक सौ छह हड्डियां एकसाथ टूटने का दर्द मैं नहीं जानता मगरदो सौ सत्तर रातें अनजाने किसी डर
जांबाज़ दुनिया में होंगे बहुतदिलवाला जांबाज़ देखा नहींअर्जन सिंह जैसा योद्धा खिलाड़ीऔर नेकदिल इंसान देखा नहीं पढ़ाई में अव्वल खेलों
नारी ऐसी होती हैनारी ऐसी होती हैशक करती है खुदमर्द को संग डुबोती हैनारी ऐसी होती हैनारी ऐसी होती है
चाल कछुए की चला हूँ जी हाँ, मालूम है मुझेरफ्ता रफ्ता ही सही मंज़िल पर पहुँच जाऊँगा ज़रूर कब कहा
गिरे मकान की मिटटी जब हटाई गयीलाश बचपन मेरे तह में दबी पायी गयीकर लो तैयारी दफ़्न कर दो बचपन
अशआर लोग मेरे पढ़ने लगे हैंदिल की आवाज़ से जुड़ने लगे हैंव्हाट्सऍप फेसबुक और यूट्यूब परदिन रात सब फॉलो करने लगे
पापा मेरे नब्बे के हो गए हैंमेच्योर बहुत समझदार हो गए हैंलगता हैं मैं भी उम्रदराज़
खाली पड़े मकान में जोकिराये के लिए था गया छोड़ारहने लगा उस मकान मेंदो पंछियों का एक जोड़ा किराया नहीं
तेरी महफ़िल में आकर देख लियामेहमां सिर्फ मैं ही नहीं, देख लियातेरी महफ़िल में आकर देख लिया जुबां तो पूछती
नीले नीले नैनों मेंबना लूँ क्या ठिकानादिल बार बार बसना चाहेइनमें दीवाना नैना नैनों से मिल गएनैनों की बतियाँ पढ़
रांझे ने हीर को पसंद कियादिल का रिश्ता बुलंद कियादोनों के दिल मिलने लगे जबदोनों प्यार में पड़ने लगे जबअनहोनी
जीवन के सब हैं रंग निरालेअलग अलग मतवाले प्यारेबचपन जवानी और बुढ़ापाचलो ज़रा इनके संग हो लेंचलो जीवन का खेल
कम बोलता बहुत कम बोलता हैहर वक़्त वो हरदम बोलता हैमगर जब भी साला मुँह खोलता हैमेरे बारे में सब गलत बोलता हैवो
सावन के महीने में छत पर बूदें बरस रहीं थीऐसे बरसा सावन जैसे कृपा बरस रही थीभोर की थी छटा
तीन लोक करें शोक चराचर सृष्टि समस्त लजाती हैरोक लो चलकर राम लखन संग जानकी वन को जाती हैहृदय में
छोटी उम्र में सब बच्चे प्रतिभाशाली लगते हैंअपनी चतुराई से वे मुश्किल करतब करते हैंमगर बड़े होकर वे ही नौकरी
इतनी प्रतिभा न दो प्रभु स्टार मिलेनियम बन जाऊंबेटा रह जाये अभिषेक मैं अमिताभ बच्चन हो जाऊंसुन लो अरज इतनी
Fly away, fly away, fly away Fly away Fly away, fly away, fly away Fly away Let’s begin a game