पति परमेश्वर (Pati Parmeshwar)
असंख्य देवी देवताओं वाला देश है भारत देशदेवी देवताओं के ऊपर है ईश्वरईश्वर से भी ऊपर हैं परमेशवरजिन्हें पाने के […]
असंख्य देवी देवताओं वाला देश है भारत देशदेवी देवताओं के ऊपर है ईश्वरईश्वर से भी ऊपर हैं परमेशवरजिन्हें पाने के […]
चौथा स्तम्भ हो तुम गणतंत्र केतुम हो शान-ऐ-इंडिया !कब सुधरोगे मीडिया ? आधे घंटे क़ी न्यूज़ के बीच मेंबीस मिनट
मैं हूँ भारत माता मेरे बच्चे कई करोड़ये हैं मेरी ताक़त रोकेंगे हर हमला आज भले हों नशे में सोयेखुदगर्जी
मैं भी मैं हूँ तुम तुम हो फिर अलग उमंग मन में क्यों हैनए साल में हर शै दिल को
कुछ खट्टी मीठी यादें दे वर्ष इतिहास में लौट चलानववर्ष की खुमारी में गयावर्ष अलविदा बोल चला कुछ ख्वाब हैं
आये थे हम खाली हाथजाना भी है खाली हाथतो क्यों गुरूर कैसा गुरुरजीवन से पाया सब कुछमुट्ठी खाली जीवन के
अनवरत बहती दुनिया में एक अमिट छाप अपनी भी होहोनी के पन्नों में दाखिल कुछ भले कारज अपने भी हों
भारतीय रेल की स्लीपर सीट सर्दी में ग़दर मचाय रहीकम्बल में जकड़ी बॉडी है पर ठंड में कर हाय हाय
कई कमरों का घर रहते जिसमें थे हम और बाबूजीकठिन परिश्रम से सींचा करते जिसको माँ बाबूजी अंतिम दौर में
कभी फुर्सत में जब बैठे सिलसिले पास आ बैठेलौट आये हंसी लम्हेजो बिताये संग यादों के ज़िक्र छेड़ा फिर होले
पनघट पर घेरि श्याम सुन्दर मोहे मुरली मधुर सुनाय गयाकजरारे नयन चंचल चितवन मोहे रंग अपने वो रँगाय गयापनघट पर
एकिच घडी में भाई के भेजे का घंटाल बजा गेली तूअच्छा खासा था बंदा साला बन्दे की वाट लगा गेली
मनाओ जश्न फिर कोई मर गयाकिसी के लिए जगह खाली कर गयाकिसी को मगर सवाली कर गयाकिसी को मगर सवाली
दिल में दबे जज्बात हैं कितने क्या समझो तुम क्या जानोतुमसे कितने ख्वाब सजे तुम क्या समझो तुम क्या जानो
हरे भरे गुलशन में देखो नित नए नए से रंग दिखेंकुछ कलियाँ फूल बनें और फूल फलों में बदलेसबके दिलों
खुदा मिलता नहीं कभी ऐश-ओ-आरामों मेंतेरी तकलीफ में मगर आगे खड़ा रहे सदा ग़मों का ग़म न कर है बड़ा
गए रोज़ खयालात मेरे चुपचाप थेज़िन्दगी के अजीब बड़े हालात थेगए रोज़ ख़यालात मेरे चुपचाप थे न होश हमें न
गोरी पियाजी के घर को चलीदुनिया किसी की बसाने चलीकितनों के अरमान ढीले हुएटुकड़े दिलों को बनाकर चली गोरी पियाजी
ज़ज़्बात की मेरे अजी बोली न लगाओबाजार में हर चीज़ बिकाऊ नहीं होतीछोड़ दो आदत कि हर शै की है