मिडिल क्लास सपने (MiddleClass Sapne)
आज का पन्ना मैं पढ़कर सोया हूँसबक कौन सा कल पढ़ाएगी तूकिन नए लोगों से मैं कल मिलूंगाक्या नए तोहफे […]
आज का पन्ना मैं पढ़कर सोया हूँसबक कौन सा कल पढ़ाएगी तूकिन नए लोगों से मैं कल मिलूंगाक्या नए तोहफे […]
सच, सच तेरी मेरी सोच पे पड़ा एक पर्दा हैसच, झूठ को सच बताने की एक अदा हैवर्ना तेरा सच
सुबह हमेशा की तरहमनमोहक और हवा ताज़ी थीमगर वह कमज़ोर दर्द सेबेइंतेहा परेशान और सदमे में थीजिस्म के एक एक
ख्वामखां ही किसी से उलझते नहींमन किसी से भी मैला रखते नहींसाफ़ दिल है खरी बात करते हैं हमसिर्फ अपने
रात भर दुनिया का रंग मंचअँधेरे की कैद में सुनसान रहान शोर न संगीत न कलाकारचंदा तारों ने लाख कोशिशें
तूने छलनी मेरे जिस्म को कर दियादर्द रग रग से ले रूह तक भर दियाजीना दुश्वार है दिल परेशान हैदूर
कल की बारिश में हुई एक शरारत ने फिरदिल के वीरां तसव्वुर को आबाद कियाटूटी छतरी लिए बूंदों में भीगतीएक
निज दुःख दीखत नहीं परसुख दुःख दे जायखुद को लाभ गिने नहीं ख़ुशी परायी सताय भारत भूमि धन्य है घर
मिटटी में दबी गुठली में सेआम का एक नन्हा पौधादेख रहा था मुझे टुकुर टुकुरअलग से एक वीरान मेंमैंने कहा
हे ब्रह्मदेव मुझे दो वरदानहिरण्यकश्यपु को दो अमरत्व दानमेरा यदि हो मृत्युदातान हो कोई मनुष्य न कोई देवन निर्जीव कोई
बिना बेगम के बादशाहबहुत अकेला महसूस करता था बेगम का इंतकाल हुएबरसों बीत गए थेबादशाह का एक बेटा था, शादीशुदाजो
चाँद आज कुछ ठीक थाचांदनी के संग घर में मौजूद थाचेहरे पर चोटों के निशान लिएमायूस बैठा था मगर ठीक
नए फूलों को सौंप चमन की ज़िम्मेवारीमाली करो नयी बसंत ऋतु की तैयारी कलियाँ हैं कोमल इनको खिलने दोबढ़ना सबका
पिताजी बार बारकहते कहते मर गएप्रतिभाशाली बनो प्रतिभाशाली बनोप्रतिभाशाली बनो पिताजी मर गएपर उनके वे शब्द सदाउसके कानों में गूंजते
मैया मोरी! ऑटोवाला मोहे न बिठायेआना घर मोहे इंद्रपुरी कहेइंद्रलोक को जाएमैया मोरी ऑटोवाला मोहे न बिठाये बस स्टॉप पर
ये जो तेरी ज़ुल्फ़ बारहा पेशानी पर आ गिरती हैमालूम होता है गिलहरी कोई दाना तलाशती है मिल जाती हैं
सोने को बेला मंगाऊं मेरे राजाबेला में खीर खवाऊं मेरे राजासोने को बेला मंगाऊं मेरे राजा खावत खावत जो प्यास
ज़िंदा हो! तो ज़िन्दगी दिखनी चाहिएहोठो पर हर वक्त हंसी खिलनी चाहिएउतार फेंको चलो यह बुत सा चेहराअरे! दर्द को
‘कल्पना’अब बड़ी हो गयी हैबचपन से ही उसेबड़े लाड प्यार से पाला है वह अगर गिर जाती या फिरज़रा सी