दौड़ (Khargosh Aur Kachhua)

आगे बढ़ने की दौड़ में वो जो खरगोश था
ऐसा भागा  कि  बस भागता ही रह गया
यह न सोचा घर  परिवार है पीछे छूटा
भटका वो जो फिर भटकता ही रह गया

आगे बढ़ने की दौड़ में वो जो खरगोश था
ऐसा भागा  कि  बस भागता ही रह गया

उधर कछुआ पीछे पीछे धीमी चाल में 
चल रहा  था धुन कोई  गुनगुनाते हुए
दौड़ की टेंशन सब छोड़ खरगोश पर
चल पड़ा पीछे पीछे सफर जारी रखा

आगे बढ़ने की दौड़ में वो जो खरगोश था
ऐसा भागा  कि  बस भागता ही रह गया
यह न सोचा घर  परिवार है पीछे छूटा
भटका वो जो फिर भटकता ही रह गया

भागते  भागते घने बियाबान जंगल में 
जा पंहुचा खरगोश कहीं हांफते हांफते
रास्ता भटका जहाँ न था अपना कोई
जां पर बन आने वाले खतरे के सिवाय

आगे बढ़ने की दौड़ में वो जो खरगोश था
ऐसा भागा  कि  बस भागता ही रह गया
यह न सोचा घर  परिवार है पीछे छूटा
भटका वो जो फिर भटकता ही रह गया

जीतने की हर ख़ुशी उसकी काफूर हुई
भूखे शेर की उस पर नज़र जो पड़ गयी
धर दबोचा खरगोश को एक झटके में
किस्सा ज़िन्दगी की दौड़ का थम गया  

आगे बढ़ने की दौड़ में वो जो खरगोश था
ऐसा भागा  कि  बस भागता ही रह गया
यह न सोचा घर  परिवार है पीछे छूटा
भटका वो जो फिर भटकता ही रह गया

पीछे कछुआ मस्त खड़ा बड़े आराम से 
देखता था सब चमक आँखों में लिए
नंबर दो से बना गया था वो नम्बर एक
दौड़ जीत ली थी उसने सब्र रखते हुए
नंबर दो पर रह कर पा जाओगे मंज़िल
रास्ता दिखाने को है आगे जो नंबर एक
नंबर एक का सफर मुश्किलों से है भरा  
क्योंकि उसके आगे जो है बियांबां शून्य

आगे बढ़ने की दौड़ में वो जो खरगोश था
ऐसा भागा  कि  बस भागता ही रह गया
यह न सोचा घर  परिवार है पीछे छूटा
भटका वो जो फिर भटकता ही रह गया

In the race to move ahead, there was once a rabbit —
He ran so hard, he forgot why he began.
He never looked back at his home or kin,
He kept chasing horizons that melted thin.

The tortoise trailed slow, humming his tune,
Unafraid of the race, content with the moon.
While the rabbit burned through miles of green,
The tortoise walked steady — calm, serene.

Deep in the woods, gasping for air,
The rabbit found no friend, no lair.
Only the eyes of a hungry beast —
And thus, ambition became his feast.

The story ends where life often does —
In silence, not applause.
For the one who ran too far, too fast,
Was swallowed by his own cause.

The tortoise smiled beneath the sun,
He’d never wanted to be number one.
For number one walks into the void,
Where peace is lost, and joy destroyed.

So move ahead — but breathe, my friend,
The journey’s joy is the end.

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